पटियाला में डिप्लोमा डिग्री एसोसिएशन का हल्ला बोल: PSPCL हेड ऑफिस के सामने किया प्रदर्शन; भर्ती नीति पर उठाए सवाल – Patiala News

पटियाला में डिप्लोमा डिग्री एसोसिएशन का हल्ला बोल:  PSPCL हेड ऑफिस के सामने किया प्रदर्शन; भर्ती नीति पर उठाए सवाल – Patiala News


पटियाला में डिप्लोमा डिग्री एसोसिएशन का प्रदर्शन।

पटियाला में ऑल डिप्लोमा डिग्री अप्रेंटिसशिप एसोसिएशन, पंजाब ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड 9 (PSPCL ) के हेड ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन ने PSPCL की भर्ती नीति और पंजाब सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए।

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एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रदेश के लोग बिजली कटौती, विभागों में स्टाफ की कमी, शिकायतों के निपटारे में देरी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग उन्हीं प्रशिक्षित युवाओं की अनदेखी कर रहा है जिन्होंने इसी विभाग में एक वर्ष की तकनीकी अप्रेंटिसशिप कर वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त किया है।

एक वर्ष की तकनीकी अप्रेंटिसशिप करवाता है पीएसपीसीएल

एसोसिएशन ने बताया कि भारत सरकार के अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत PSPCL हर साल डिप्लोमा और डिग्रीधारी इंजीनियरिंग युवाओं को एक वर्ष की तकनीकी अप्रेंटिसशिप करवाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान ये युवा ग्रिड सब-स्टेशन, सिस्टम ऑपरेशन, मेंटेनेंस, प्रोटेक्शन और अन्य तकनीकी कार्यों में अपनी सेवाएं देते हैं।

ट्रेनिंग के बाद भी नहीं हो रही भर्ती

यूनियन का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बावजूद, इन युवाओं को विभाग की भर्तियों में कोई प्राथमिकता, आरक्षण या उनके अनुभव की मान्यता नहीं दी जाती है।

यूनियन ने आरोप लगाया कि एक ओर कम योग्यता वाले कर्मचारियों को विभिन्न नीतियों के तहत नियमित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई भर्तियों में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को नियुक्तियां मिल रही हैं। इसके विपरीत, पंजाब के तकनीकी डिप्लोमा और डिग्रीधारी युवा वर्षों से बेरोजगार हैं।

युवाओं को नौकरी के लिए बताया “ओवर क्वालिफाइड”

एसोसिएशन ने यह भी बताया कि कई बार उन्हें यह कहकर नौकरी से वंचित कर दिया जाता है कि वे संबंधित पद के लिए “ओवर क्वालिफाइड” हैं। एसोसिएशन ने हाल ही में हुई ITI ALM (असिस्टेंट लाइनमैन) भर्ती का उदाहरण दिया।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अप्रेंटिसशिप के दौरान ही उम्मीदवारों को केवल पंजाबी भाषा की परीक्षा लेकर नौकरी दी जा सकती है, तो एक वर्ष की तकनीकी अप्रेंटिसशिप पूरी कर चुके डिप्लोमा और डिग्रीधारी युवाओं के लिए अलग भर्ती नीति या पद क्यों नहीं बनाए जा सकते।



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