चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड की कपूरथला जेल से रची गई साजिश: ₹8 लाख के नकली नोट और 3 किलो आइस मिली; जग्गू भगवानपुरिया गैंग से कनेक्शन – Chandigarh News
चंडीगढ़ में कैशियर को गोली मारते हुए। चार आरोपी इसमें गिरफ्तार हो चुके हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया कि कपूरथला जेल में बंद गैंगस्टर धर्मेंद्र उर्फ गोली ने इसकी साजिश रची थी।
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गोली को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाकर अदालत में पेश किया गया है। अदालत से आरोपी का पुलिस रिमांड हासिल कर आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र उर्फ गोली का संबंध गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से है, लेकिन अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। गोली विदेश में बैठे एक अन्य गैंगस्टर के भी संपर्क में था।
उधर, पुलिस ने तरनतारन से मंगरवार को करीब 8 लाख रुपए के नकली नोट, 3 किलो ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथ) भी बरामद किए। वहीं, हत्या में इस्तेमाल की गई जिगाना पिस्तौल के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है।
इन तीनों ने दिया था वारदात को अंजाम।
पढ़िए पुलिस जांच में और क्या सामने आया…
धर्मेंद्र फोन पर देता था निर्देश
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर ने ही फोन पर धर्मेंद्र को हत्या के लिए जिगाना पिस्तौल, कपड़े, शूटरों के ठहरने की व्यवस्था, बाइक और पैसों का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। पूछताछ के दौरान गुरमीत उर्फ बादशाह ने बताया कि जेल में बंद धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली उसे लगातार फोन पर निर्देश देता था। उसने यह भी बताया कि जिगाना पिस्तौल कहां से लानी है और उसे शूटरों तक कैसे पहुंचाना है, इसकी जानकारी गोली ने दी थी।
मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर ने धर्मेंद्र को जम्मू-कश्मीर निवासी अमित का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क हुआ और तरनतारन के रास्ते जिगाना पिस्तौल मुहैया कराई गई। पुलिस के अनुसार, इसी हथियार का इस्तेमाल सेक्टर-11 में कैशियर जानकी दास की हत्या में किया गया था।
धर्मेंद्र से खुलेंगे कई राज
पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र ने हत्या की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अन्य लोगों की भी मदद ली। जांच के दौरान पुलिस ने मनी, गुरमीत उर्फ बादशाह, सचिन और सिलवेस्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान की व्यवस्था कराने व उसे आरोपियों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विदेश में बैठा गैंगस्टर कौन है, उसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और हत्या की साजिश किस मकसद से रची गई थी। इसके अलावा, बरामद करीब 8 लाख रुपए के नकली नोट और 3 किलो ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथ) का इस गिरोह से क्या संबंध है और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा धर्मेंद्र
पूछताछ के दौरान धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली ने पुलिस को बताया कि उसका संबंध जग्गू भगवानपुरिया गैंग के नेटवर्क से है। इसके बाद पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों, फंडिंग नेटवर्क और हत्या की साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में रहकर इस मॉड्यूल को कौन संचालित कर रहा था।
धर्मेंद्र सिंह पहले से कई गंभीर मामलों में आरोपी है। वह 30 अक्टूबर 2017 को हिंदू संघर्ष सेना के नेता विपिन शर्मा की हत्या के मामले में भी जेल में बंद है। चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को साथ लेकर तरनतारन पहुंची। टीम ने मिशन कंपाउंड में आरोपियों के दो घरों की करीब ढाई घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान आरोपी मनी के कांस्टेबल पिता से भी पूछताछ की गई।

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चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास हत्याकांड के मास्टरमाइंड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को भारतीय एजेंसियों के सहयोग से स्पेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। गोल्डी ढिल्लों लंबे समय से विदेश में बैठकर पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। अब उसे जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

