सतलुज फिल्म कंट्रोवर्सी पर सिंगर जसबीर जस्सी बोले: ‘यह खालड़ा साहब से हुए धक्के से भी बड़ा धक्का, अब जिक्र भी नहीं करने दोंगे – Mohali News

सतलुज फिल्म कंट्रोवर्सी पर सिंगर जसबीर जस्सी बोले:  ‘यह खालड़ा साहब से हुए धक्के से भी बड़ा धक्का, अब जिक्र भी नहीं करने दोंगे – Mohali News




मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ के पक्ष में पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी आए हैं। उन्होंने कहा, “यह भाई घनैया जी की सोच वाला विषय है। जब कोई व्यक्ति इंसानियत की सेवा के लिए अपने परिवार और अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर देता है, तो वह सच्चा हीरो होता है। खालड़ा साहब ऐसे ही हीरो थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोचता था कि ऐसी फिल्में या ऐसी बातें पंजाबियों को करने ही नहीं दी जातीं, लेकिन अब अगर उनके बारे में जिक्र भी नहीं करने देंगे, तो यह बहुत बड़ा झटका होगा। यह खालड़ा साहब के साथ हुए अन्याय से भी बड़ा धक्का होगा। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।” हालांकि उन्होंने कहा कि फिल्म क्यों हटी है, इस बारे में पता नही है। अब तीन प्वाइंटों में जानिए सारी बात यह इन्सानियत का विषय है जसबीर सिंह जस्सी ने कहा कि ‘सतलुज’ फिल्म रिलीज हुई है, जिसका पहले नाम ‘पंजाब 95’ था। यह फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित है। मीडिया से लगातार फोन आ रहे हैं। इससे पहले बनी फिल्मों को इतनी चर्चा नहीं मिली । मैं निर्देशक हन्नी को बधाई देता हूं। जो उन्होंने जसवंत सिंह खालड़ा पर फिल्म बनाने की सोची। यह पंजाब के हित और इंसानियत का विषय है। साथ ही दिलजीत को भी बधाई देता हूं। जिन्होंने फिल्म में भूमिका निभाई। जो सच बोलते हैं, उनके लिए सच को सामने लाना बहुत मुश्किल होता है। पंजाब के खिलाफ बोलने वाले बोल रहे जो लोग पहले पंजाब के खिलाफ बोलते थे, वे आज भी पंजाब के खिलाफ बोल रहे हैं। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि यह ऐसा विषय है, जिसके खिलाफ नहीं बोला जा सकता। यह इंसानियत का मुद्दा है। यह भाई घनैया जी की सोच वाला विषय है। जसवंत सिंह खालड़ा उस दौर के हीरो थे। मैं सोच रहा था कि पहले ऐसी फिल्में या ऐसी बातें करने नहीं देते, लेकिन अब अगर उनके बारे में जिक्र भी नहीं करने देंगे तो यह बहुत बड़ा झटका है। यह तो खालड़ा साहब के साथ हुए अन्याय से भी बड़ा झटका होगा। जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। उनका नाम भी बाद में बताएंगे, नहीं तो चर्चा दूसरी दिशा में चली जाएगी। सच को स्वीकार करना आसान नहीं होता है फिल्म पर रोक क्यों लगी, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। कई बार लोग सच से डर जाते हैं। सच बोलना भी मुश्किल होता है और सच को स्वीकार करना भी आसान नहीं होता। पंजाब के लिए खड़े होने पर मैं हन्नी भाई का धन्यवाद करता हूं। इस समय मैं अमेरिका में हूं। जिस घर में गया, वहां आपकी फिल्म चल रही थी और उसी की चर्चा हो रही थी। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और आपकी प्रोफाइल में जुड़ गई है। दिलजीत वीर और हन्नी भाई, आप दोनों को बहुत-बहुत मुबारकबाद। सच बोलते रहिए, इससे कुछ नहीं जाता। हमें गुरु साहिब की यही शिक्षा मिली है कि सच के लिए हमेशा डटे रहना चाहिए। पंजाब के ऐसे हीरो, जो अनदेखे रह गए, उन्हें जनता के सामने लाना चाहिए। जसवंत सिंह खालड़ा बहुत ही सरल व्यक्ति थे। फिल्म में भी उन्हें उसी सादगी के साथ दिखाया गया है।



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