लुधियाना में फर्जी योग सेंटर चलाना पड़ा महंगा: कंपनी का लोगो और नाम इस्तेमाल करने का आरोप; आरोपी के खिलाफ केस दर्ज – Ludhiana News
लुधियाना में फर्जी तरीके से योग केंद्र चलाने, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन करने तथा लोगों को कथित रूप से गुमराह कर धन वसूलने के आरोप में लुधियाना पुलिस ने खन्ना निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत एक प्रतिष्ठित योग एवं वेलनेस कंपनी के प्रबंधन निदेशक ने दी है। आरोप है कि कंपनी के साथ समझौता समाप्त होने के बावजूद आरोपी ने कंपनी का पंजीकृत नाम, लोगो और ब्रांड पहचान का इस्तेमाल जारी रखा। जांच में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने, अनधिकृत योग शिविर लगाने और ग्राहकों को कंपनी से जुड़ा होने का झांसा देने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस
थाना सदर पुलिस ने खन्ना के गुरु रामदास नगर निवासी आशीष कुमार बठला के खिलाफ ट्रेडमार्क धोखाधड़ी, कॉपीराइट उल्लंघन और कथित ठगी के आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला अनंत योगालय केयर प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजमेंट डायरेक्टर डॉ. मोहित शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61 के साथ-साथ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 64 के तहत केस दर्ज किया है। कंट्रेक्ट समाप्त होने के बावजूद पंजीकृत लोगों, ब्रांड नाम का किया इस्तेमाल शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कंपनी के साथ अपना कंट्रेक्ट समाप्त होने के बाद भी कंपनी के पंजीकृत लोगो, ब्रांड नाम और पहचान का कथित रूप से अवैध उपयोग जारी रखा। आरोप है कि वह पंजाब के खन्ना, लुधियाना और अन्य क्षेत्रों में अनंत योगालय के नाम से अनधिकृत योग केंद्र और योग शिविर संचालित कर रहा था। डॉ. मोहित शर्मा ने पुलिस को बताया कि आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाता रहा कि उसके केंद्र कंपनी से अधिकृत और संबद्ध हैं। इसी आधार पर वह ग्राहकों से धन भी एकत्रित कर रहा था, जिससे कंपनी की साख और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा। जांच में सामने आया कि आशीष बठला ने 2 फरवरी 2024 को जयपुर स्थित कंपनी कार्यालय में एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर कर कंपनी के एजेंट के रूप में कार्य शुरू किया था। कुछ समय बाद कंपनी को उसके द्वारा अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की जानकारी मिली। कंपनी ने आरोपी को ई-मेल के जरिए भेजा था नोटिस कंपनी ने आरोपी को कई बार ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजे। इसके बाद 17 सितंबर 2025 को उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया। बावजूद इसके, आरोपी ने कथित तौर पर कंपनी के नाम और लोगो का इस्तेमाल बंद नहीं किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अनुबंध समाप्त होने के बाद आरोपी ने कंपनी के नाम पर योग शिविर आयोजित किए और लुधियाना के पक्खोवाल रोड स्थित फुल्लांवाल चौक के निकट कंपनी के योग केंद्र पर जाकर ग्राहकों को कम दरों पर उपचार का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर बनाया फर्जी अकाउंट पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कंपनी के नाम और लोगो का इस्तेमाल करते हुए कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और पेज बनाए। आरोप है कि उसने आधिकारिक लोगो में बदलाव कर अपना नाम जोड़ लिया और “आशीष अनंत योगालय” नाम से ऑनलाइन पेज संचालित किए। जांच अधिकारियों के अनुसार इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों के जरिए लोगों को यह आभास दिया जा रहा था कि आरोपी अब भी कंपनी की आधिकारिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इस मामले की जांच अतिरिक्त एडीसीपी जोन-2 करणवीर सिंह द्वारा की गई। जांच के दौरान कंपनी के रिकॉर्ड, अनुबंध, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान खंगाले गए। गवाह किरणप्रीत कौर और सुभाष वर्मा के बयानों ने भी शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि की। पुलिस ने यह भी बताया कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद आरोपी जांच में शामिल नहीं हुआ और उसने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
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