पठानकोट की नहर में मिले अज्ञात शव का अंतिम संस्कार: सरना-भीमपुर मार्ग पर UBDC में बहकर आई थी लाश, पहचान न होने पर समाजसेवियों ने उठाया जिम्मा – Pathankot News

पठानकोट की नहर में मिले अज्ञात शव का अंतिम संस्कार:  सरना-भीमपुर मार्ग पर UBDC में बहकर आई थी लाश, पहचान न होने पर समाजसेवियों ने उठाया जिम्मा – Pathankot News




पठानकोट के सरना-भीमपुर मार्ग पर स्थित नहर में 3 दिन पहले मिले अज्ञात शव का शहर के समाजसेवियों की ओर से अंतिम संस्कार कर दिया गया। दरअसल, पुलिस द्वारा लाश को पहचान के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। मृतक की पहचान के लिए दिए गए 72 घंटे के अनिवार्य समय के बीत जाने के बाद भी जब शव की शिनाख्त नहीं हो सकी, तो स्थानीय समाजसेवियों ने आगे आकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की।
कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, समाजसेवी मानिक शर्मा और उनकी टीम ने पुलिस की मौजूदगी में लावारिस शव का पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया।
नहर में लटका मिला था शव, सिविल अस्पताल में रखवाया गया था
मानिक शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले सरना-भीमपुर मार्ग पर नहर के पास स्थानीय लोगों ने एक अज्ञात व्यक्ति का शव फंसा हुआ देखा था, जिसके बाद सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने शुरुआती कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट की मोर्चरी में रखवा दिया था।
सोशल मीडिया का भी लिया सहारा, पर नहीं हो सकी पहचान
पुलिस प्रशासन की ओर से मृतक की पहचान के लिए आसपास के गांवों, थानों और विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से काफी प्रयास किए गए। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो कोई परिजन सामने आया और न ही शव की पहचान हो सकी। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव के अंतिम संस्कार की अनुमति जारी की।
सम्मानपूर्वक विदाई देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी: मानिक शर्मा
अंतिम संस्कार की अनुमति मिलते ही समाजसेवी मानिक शर्मा और उनकी टीम ने शव को अपने संरक्षण में लिया। टीम के सदस्यों ने श्मशान घाट ले जाकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और मुखाग्नि दी। समाजसेवी मानिक शर्मा ने कहा कि जिन लावारिस शवों की पहचान नहीं हो पाती और जिनके अपने उन्हें छोड़ देते हैं, उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है और मानवता का फर्ज भी।
पुलिस की जांच अभी भी जारी
भले ही अज्ञात व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया हो, लेकिन पुलिस ने इस मामले की जांच रोकी नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यदि भविष्य में मृतक के हुलिये या उसकी पहचान से संबंधित कोई भी सुराग या जानकारी सामने आती है, तो कानून के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



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