जालंधर कैंट स्टेशन पर रेलवे का फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर गिरफ्तार: आईपी ट्रीटमेंट और मुफ्त एसी सफर के लिए 6 महीने से बना था सिंघम – Jalandhar News

जालंधर कैंट स्टेशन पर रेलवे का फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर गिरफ्तार:  आईपी ट्रीटमेंट और मुफ्त एसी सफर के लिए 6 महीने से बना था सिंघम – Jalandhar News




जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर पिछले 6 महीने से रेलवे स्टाफ की नाक के नीचे ‘सिंघम’ बनकर घूम रहे एक फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर को रेलवे विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है, जो मुफ्त में एसी ट्रेनों के सफर और वीआईपी ट्रीटमेंट के लिए यह ढोंग रच रहा था। कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर की मुस्तैदी की वजह से इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पहले भी यूपी में जेल जा चुका है। रेलवे स्टाफ पर जमाता था धौंस दरअसल, आरोपी जावेद अली फिल्मी स्टाइल में रौब झाड़ने और रेलवे स्टेशनों पर वीआईपी ट्रीटमेंट लेने का आदी था। वह खुद चेकिंग स्टाफ को साथ लेकर ट्रेनों में और जालंधर, फगवाड़ा, कपूरथला व लुधियाना के बुकिंग काउंटरों पर चेकिंग करने पहुंच जाता था। फिरोजपुर मंडल में वह पिछले 6 महीने से बिना किसी डर के इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।
ऐसे फूटा झूठ का गुब्बारा हाल ही में जब वह जालंधर कैंट पर चेकिंग स्टाफ पर अपनी धौंस जमा रहा था, तो उसकी कुछ अजीब हरकतों से वहां मौजूद स्टाफ को शक हो गया। स्टाफ ने बिना देरी किए इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए और उन्होंने सीधे आरोपी से उसका ऑफिशियल रेलवे आईडी कार्ड मांग लिया। आईडी कार्ड मांगते ही छूटे पसीने रेलवे अधिकारियों द्वारा आईडी कार्ड की मांग सुनते ही नकली साहब के पसीने छूट गए। वह घबरा गया और कोई भी वैध दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं दिखा पाया। इसके बाद असली अधिकारियों ने उसके झूठ का गुब्बारा फोड़ दिया और तुरंत राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को बुलाकर उसे मौके पर ही दबोच लिया। पुराना है जालसाजी का ट्रैक रिकॉर्ड जीआरपी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी जावेद अली बेहद शातिर है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह करीब एक साल पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ठगी करते हुए पकड़ा गया था और सलाखों के पीछे जा चुका है। इस बार वह अमृतसर में वीआईपी ट्रीटमेंट लेकर जालंधर कैंट पहुंचा था और यहां से उसे एसी कोच में मुफ्त में लुधियाना जाना था। रेलवे प्रशासन ने दर्ज किया मामला, जारी किया अलर्ट वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फिरोजपुर मंडल) परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने और सरकारी काम में बाधा डालने के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ किया कि रेलवे ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेगा। इस घटना के बाद फिरोजपुर मंडल ने एक अलर्ट भी जारी किया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और रेल कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति खुद को विजिलेंस अफसर या बड़ा अधिकारी बताकर धौंस जमाए, तो सबसे पहले उसकी वैध आईडी जरूर चेक करें। जरा भी शक होने पर तुरंत आरपीएफ या स्टेशन मास्टर को सूचित करें।



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