जालंधर से जासूसी के आरोपी युवकों की कहानी: एक की मां ताला लगाकर चली गई, दूसरे के पिता की 10 महीने पहले डेथ; पाकिस्तान भेजते थे सूचनाएं – Jalandhar News
जालंधर पुलिस ने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और हमास गुज्जर के सीक्रेट मॉड्यूट का भंडाफोड़ किया है। जालंधर की संवेदनशील सरकारी इमारतों की जानकारी पाकिस्तान पहुंचाने वाले तीनों युवकों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। सभी इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से जुड़े थे।
दैनिक भास्कर टीम अरेस्ट किए गए गुरुनानकपुरा वेस्ट के सचिन खोसला और सचिन के घर पहुंची। सचिन के घर पर ताला लटका मिला। गली में सचिन का सैकेंड लास्ट घर है। इसके बाद गली बंद हो जाती है। गली सुनसान थी और आस-पड़ोस को भी अरेस्ट की भनक नहीं थी। यहां से एक गली छोड़कर भरत वर्मा का घर है। दोनों के बीच लगभग 200 मीटर की दूरी है। भरत के घर उसका परिवार मिला। सभी सहमे थे। भतीजे ने पूछा कि आपको कैसे पता चला कि उसके चाचा को अरेस्ट किया है। उसे पुलिस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सुनाया तो कहने लगा कि पुलिस तो गलत जानकारी दे रही है। उसके चाचा के पास तो मोबाइल ही नहीं था। एक बटन वाला मोबाइल था लेकिन कुछ समय से वो घर पर खराब पड़ा है। इंस्टाग्राम तो वो कभी चलाता नहीं देखा।
भतीजे ने बताया कि चाचा 12वीं तक पढ़ा था। दिहाड़ियां लगता था और शादी नहीं हुई थी। वह पाकिस्तान जानकारियां भेजता है, इसके बारे में उनको कुछ भी पता नहीं। घर पर बुजुर्ग मां मिली। उसने भी कहा कि हमें पुलिस ने कुछ नहीं बताया। मुझे तो समझ नहीं आ रहा ये क्या हुआ। उसके पिता की डेथ को अभी 10 महीने हुए हैं। जानें अरेस्ट के बाद दोनों युवकों के घरों का हाल… आरोपी-1 सचिन खोसला
आलीशान घर, काले गेट पर लटका मिला ताला-जालंधर के गुरुनानकपुरा वेस्ट में सचिन का एक छोर से बंद बंद गली में घर है। घर के बाहर 82 नंबर लिखा है। गेट पर मोटा ताला लटका मिला। गली में ही खड़ी एक महिला से पूछा कि परिवार कहां है तो जवाब मिला कि यहां एक बुजुर्ग अंटी रहती है और 2 दिन से यहां नहीं है। भरत की अरेस्ट के बारे में पूछा तो कहने लगी की मैं यहां किराए के मकान में रहती हूं, ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन इनका बेटा है। कभी-कभार ही घर आता था। उसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है, इसकी जानकारी नहीं। पुलिस यहां तो नहीं आई थी। आरोपी-2..भरत वर्मा
पिता की 10 महीने पहले मौत, घर पर बुजुर्ग मां-सचिन के घर से एक गली छोड़कर ही भरत वर्मा का घर है। दोनों के घरों में 200 मीटर के लगभग का फासला है। गली में ही किराना की दुकान चलाने वाले दुकानदार से जब युवकों के बारे में पूछा तो कहने लगा कि आपसे ही पता चला है। ये लोग कभी दुकान पर नहीं आए, इसलिए जानता नहीं हूं।
भास्कर टीम जब भरत वर्मा के घर पहुंची तो गेट के अंदर तेज कदमों से एंट्री लेती एक महिला मिली। उनको रोककर पूछा कि क्या यह भरत वर्मा का ही घर है, तो कहने लगी जी, ये उसी का घर है। उससे पूछा कि आप भरत की क्या लगती हैं तो बताया कि वो मेरा देवर है। जब उससे पूछा कि आपके देवर को पुलिस ने क्यों अरेस्ट किया तो कहने लगी कि पता नहीं। हमें पुलिस ने अरेस्ट के बारे में बताया है लेकिन कारण नहीं बताया।
घर के अंदर आओ, बैठकर बात करते हैं
भास्कर टीम से महिला ने पूछा कि आप कौन हैं। उनको बताया कि कहने लगी कि अंदर आ जाइए, बैठकर बात करते हैं। महिला ने बताया कि उसका देवर दिहाड़ी का ही काम करता था। जहां काम मिलता था चला जाता था। अब कई दिन से घर नहीं आया। उसने बताया कि देवर ने पाकिस्तान को सूचना देने जैसी कोई घटना की हो, इसका तो उनको भी नहीं पता। भतीजा बोला-चाचा के पास तो मोबाइल तक नहीं
घर में ही भरत वर्मा का भतीजा मिला। उसने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसे भी ड्यूटी से घर आकर ही पता चला कि चाचा को पुलिस ने पकड़ लिया है। भतीजे ने कहा कि पुलिस ने जो प्रैस कॉन्फ्रेंस की है, उसमें मोबाइल से जानकारियां पाकिस्तान भेजने की बात कही है लेकिन उसके चाचा के पास तो मोबाइल ही नहीं है। कुछ समय पहले तक बटन वाला फोन था और अब वह भी खराब है। जब उससे पूछा कि आपके साथ वाली गली के सचिन को भी अरेस्ट किया गया है, क्या तुम्हारा चाचा और सचिन एक-दूसरे को जानते हैं, तो कहने लगा कि सचिन उनके घर तो कभी नहीं आया। बाहर कहीं मिलते हों तो कह नहीं सकता।
मां बोली-पुलिस से कोई अपील नहीं करनी है
भरत वर्मा की बुजुर्ग मां से पूछा कि क्या बेटे के लिए पुलिस से कोई अपील है तो कहने लगी कि नहीं। हमें तो पता ही नहीं चल रहा कि उसे क्यों पकड़ा है। अभी वह अपने पति की डेथ के गम से नहीं उबरी थी कि अब बेटे ने पता नहीं क्या कर दिया। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसके पति दुकान चलाते थे। 10 महीने पहले ही उनकी मौत हुई है। एक बड़ा बेटा है, उसकी शादी हो चुकी है। भरत की अभी शादी करनी थी।
आरोपी-3 प्रदीप
किसी को इसके बारे पता नहीं, वोटर सूची में भी नहीं मिला-पुलिस के जारी प्रैस नोट में प्रदीप सिंह का पता कमल विहार में मकान नंबर 25 बताया गया है। कमल विहार पहुंचने पर लोगों से घर का पता किया तो किसी तो प्रदीप सिंह नामक युवक का पता नहीं था। किसी ने एक गली तो किसी ने दूसरी गली में एड्रेस बताया। घर ढूढते हुए वोटर सूची लिए एक बीएलओ मिले जिनसे मदद मांगी मगर वोटर लिस्ट में भी पता नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि जालंधर में 3 कमल विहार हैं, पता नहीं कि ये किस कमल विहार का होगा लेकिन रामामंडी थाने में उनका कमल विहार इलाका ही आता है। 5 पाइंट में जानें जालंधर सीपी ने क्या बताया 2 महीने पहले पकड़े थे खुफिया कैमरे
जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने 2 महीने पहले ISI समर्थित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इस ऑपरेशन के दौरान फिरोजपुर निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी और उसके सहयोगी सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे विभिन्न स्थानों पर लगा रहे थे। इन कैमरों के जरिए संवेदनशील स्थानों, खासकर सेना से जुड़े इलाकों की निगरानी की जा रही थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि इन कैमरों में 4G कनेक्टिविटी लगी हुई थी, जिससे लाइव फुटेज मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।
Source link

