पंजाब से गए निहंगों का कुल्हाल बॉर्डर पर हंगामा: पाउंटा साहिब के पास हुआ विवाद, कुछ प्रेम नगर पहुंचे, वार्ता के बाद वापस लौटे – Ludhiana News
पाउंटा साहिब के पास कुल्हाल बॉर्डर पर हंगामा करते हुए निंहग।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों व निहंगों के बीच हुई झड़प के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। वीरवार को मोहाली के सोहाना गुरुद्वारा साहिब से निहंगों के जत्थे ने उत्तराखंड के लिए कूच किया और पाउंटा साहिब में कुल्हाल बॉर्डर पर उत्तराखंड पुलिस ने
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कुल्हाल बॉर्डर पर वीरवार-शुक्रवार की रात में पूरा तनाव बना रहा। निहंगों के जत्थे ने वहां पर जमकर उत्पात मचाया और बैरिकेडिंग तोड़कर तलवारें लहराते हुए आगे निकले। निहंगों ने वहां खड़े ट्रकों पर तोड़ फोड़ की। कुछ निहंग अन्य रास्तों से देहरादून के प्रेम नगर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी घेर लिया।
प्रेमनगर गुरुद्वारा साहिब में प्रशासन के साथ रातभर मीटिंग चली और तड़के निहंगों को वहां से वापस पाउंटा साहिब भेज दिया। बैठक में डीएम देहरादून अशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल शामिल रहे। पुलिस-प्रशासन के साथ हुई इस लंबी और सफल वार्ता के बाद निहंगों का जत्था वापस हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब लौट गया है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और देहरादून-हिमाचल बॉर्डर पर अब शांति है।
वहीं, निहंगों की तरफ से इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर कुल्हाल पर शांति है। इससे पहले देर रात 8 निहंग हिमाचल बॉर्डर पर पहुंचे और उत्तराखंड के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे।
कुल्हाल में पहुंचे निहंग सिंह।
पूरी नहीं की गई निहंगों की मांग
कूच करने से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिखों ने एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कर्णप्रयाग में हुई घटना में गिरफ्तार उनके साथियों को रिहा किया जाए और मामले में दर्ज एफआईआर रद्द की जाए।साथ ही, घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, निहंगों की ये मांग अभी पूरी नहीं हुई है और उनके साथी अब भी पुलिस की हिरासत में हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलर्ट जारी किया
निहंगों के उत्तराखंड कूच करने के ऐलान के साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को अलर्ट पर रहने के आदेश जारी कर दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि चार धाम यात्रा व हेमकुंट यात्रा को प्रभावित नहीं करने दिया जाएगा। सीएम के आदेश के बाद डीजीपी उत्तराखंड ने भी साफ कर दिया था कि प्रदेश में किसी को भी अराजकता फैलाने नहीं दिया जाएगा।
कर्णप्रयाग घटना के बाद शुरू हुआ तनाव
पूरा विवाद 16 जून की घटना से जुड़ा है। जब कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए मामूली विवाद में कथित तौर पर तलवार से किए गए हमले में कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना में एक निहंग सिख भी घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर चार निहंग सिखों को अरेस्ट किया था।
इस घटना के बाद 20 जून की दोपहर निहंग सिख एक सिख श्रद्धालु को बंधक बनाकर रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। ये गतिरोध 23 जून को खत्म हो गया था और छत पर चढ़े निहंग भी नीचे उतर आए थे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। निहंगों का एक जत्था गुरुवार को मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदान से उत्तराखंड की ओर कूच कर गए।

लेट नाइट बॉर्डर पर निहंग सिंह।
16 जून से अब तक की पूरी टाइमलाइन
- 16 जून कर्णप्रयाग बाजार में हिंसक झड़प- हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक जत्थे की बाइक कर्णप्रयाग बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई, जिसके बाद दोनों पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवारों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। एक गंभीर घायल होटल व्यवसायी को एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया।स्थानीय व्यापारियों ने बद्रीनाथ हाईवे पर 5 घंटे चक्काजाम किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 आरोपी निहंगों को गिरफ्तार कर लिया।
- 20 जून- दूसरे पक्ष पर भी काउंटर FIR दर्ज- सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद एक घायल श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर कर्णप्रयाग कोतवाली में स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी काउंटर FIR दर्ज की गई।
- 20 जून (शाम)- नगरासू गुरुद्वारे में नया विवाद और बंधक संकट- कर्णप्रयाग की घटना से नाराज निहंगों का जत्था रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में ठहर गया। शनिवार शाम विवाद इतना बढ़ा कि आरोप के मुताबिक निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की और एक व्यक्ति को बंधक बना लिया। इसके बाद वे हथियारों के साथ ऊपरी मंजिल पर चले गए और खुद को बंद कर लिया।
- 21 जून- भारी पुलिस बल की घेराबंदी और इंटरनेट बंद- मौके पर पुलिस, PAC और ITBP के जवानों ने पूरे गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया। डीएम विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में निहंगों ने इनकार कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं।
- 22 जून- बातचीत के बाद बंधक मुक्त, आपसी सहमति- प्रशासन, सिख प्रतिनिधियों और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद निहंगों ने बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित मुक्त कर दिया। निहंगों ने वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन के सहयोग की बात कही।
- 23 जून- निष्पक्ष जांच के लिए केस हरिद्वार ट्रांसफर- आईजी गढ़वाल की रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने कर्णप्रयाग में दर्ज दोनों FIR की जांच चमोली से हरिद्वार ट्रांसफर कर दी, जिसकी निगरानी एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपी गई। बिना दस्तार (पगड़ी) के कोर्ट में पेश करने के आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह चौहान को सौंपी गई, जिन्हें 2 हफ्ते में रिपोर्ट देनी है।
- 24-25 जून- पंजाब लौटे निहंग और संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू- नगरासू गुरुद्वारे में डटे निहंग, पंजाब से आए दूसरे जत्थे से मुलाकात के बाद मंगलवार को वापस पंजाब लौट गए और गुरुद्वारे की व्यवस्था बाबा बेअंत सिंह को सौंप दी गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील क्षेत्रों में BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई, जो 27 जून तक प्रभावी है।
- 25 जून- एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर दोबारा कूच और उत्तराखंड बॉर्डर पर तनातनी- पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से करीब 150 से 200 निहंगों का जत्था कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार 4 निहंगों की एफआईआर रद्द करने और उनकी रिहाई की मांग को लेकर दोबारा उत्तराखंड (देहरादून) के लिए कूच कर गया।
- बॉर्डर पर ITBP और PAC तैनात: हिमाचल के रास्ते आए निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने उत्तराखंड के कुल्हाड़ चेकपोस्ट (बॉर्डर) पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका। इस दौरान निहंगों ने तलवारें और लाठी-डंडे लहराते हुए पुलिस के बैरियर तोड़ दिए और रोकने के लिए खड़े किए गए दो डंपरों में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद वे देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर बढ़ गए, जिससे भारी तनाव फैल गया। पूरे बॉर्डर पर ITBP और PAC तैनात कर दी गई।
- 25 जून (देर रात)- मैराथन बैठक सफल, निहंग वापस लौटे, स्थिति नियंत्रण में- देहरादून के प्रेमनगर और रेसकोर्स क्षेत्र तक पहुंचे निहंगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। देर रात देहरादून के डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने निहंगों के नेतृत्वकर्ताओं और संगत के साथ मैराथन सकारात्मक बातचीत की।

