हाई-वैल्यू जॉब्स बढ़ेंगी, भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हुनरमंद बनेंगे युवा – Jalandhar News

हाई-वैल्यू जॉब्स बढ़ेंगी, भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हुनरमंद बनेंगे युवा – Jalandhar News



प्रवीण पर्व | जालंधर मंगलवार को पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 को हरी झंडी दे दी गई। इस नई नीति का मुख्य विजन वैश्विक स्तर के निवेश को आकर्षित करना, हाई-वैल्यू जॉब्स सृजित करना और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हुनरमंद बनाना है। जालंधर के खेल उद्योग को सरकार ने विशेष प्रायोरिटी सेक्टर की सूची में शामिल किया है। इसके अलावा जालंधर के मजबूत लेदर हब, हैंड टूल्स और मशीन टूल्स उद्योग को भी इस पॉलिसी के तहत सभी वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभों के लिए पूरी तरह पात्र माना गया है। अब काम के घंटे 12 हो सकते हैं। महिलाएं रात के समय भी काम कर सकेंगी। फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स : दैनिक काम के घंटों को 8 से बढ़ाकर 12 घंटे (आराम के समय सहित) करने की छूट दी गई है, जिससे सीजन के दिनों में खेल व चमड़ा उद्योग अपनी प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा सकेंगे। नाइट शिफ्ट में महिलाएं : सुरक्षा और संरक्षा के पुख्ता इंतजामों की शर्त के साथ अब महिलाओं को फैक्ट्रियों में नाइट शिफ्ट यानी रात की पाली में काम करने की कानूनी अनुमति होगी। सिर्फ 5 दिनों में मंजूरी: राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत इन-प्रिंसिपल अप्रूवल महज 5 दिनों में और तमाम बिजनेस क्लीयरेंस 5 से 45 दिनों के भीतर डिजिटल प्लेटफॉर्म फास्टट्रैक पंजाब के जरिए टाइम-बाउंड मैनर में दी जाएंगी। इंस्पेक्शन राज का खात्मा: फैक्ट्रियों के बिल्डिंग लॉन और लेबर लॉ कंप्लायंस के लिए थर्ड-पार्टी सर्टिफिकेशन को मंजूरी दे दी गई है, जिससे इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिलेगी। स्पोर्ट्स गुड्स को ‘विशेष प्राथमिकता’ क्षेत्र में रखकर 125% तक इंसेंटिव (अधिकतम 500 करोड़ रुपये) का प्रावधान है, जबकि सामान्य क्षेत्रों में यह सीमा 100% है। जालंधर के विख्यात लेदर गुड्स और मशीन व हैंड टूल्स सेक्टर्स को भी सीधे कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज का पात्र बनाया गया है। 2. नए व विस्तार करने वाले उद्योग: जमीन/बिल्डिंग की खरीद या लीज पर 100% स्टांप ड्यूटी से छूट। सालाना सीलिंग के तहत 75% नेट SGST रिफंड। नई और विस्तार करने वाली इकाइयों को बढ़े हुए उपभोग पर 100% बिजली ड्यूटी से छूट। आधुनिकीकरण और नई मशीनरी लगाने पर फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट की 20% कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़ रुपये)। 3. एमएसएमई सेक्टर्स के लिए विशेष संजीवनी: मार्केटिंग: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में स्टॉल किराए पर 50% से 75% सब्सिडी (अधिकतम 3 से 7.5 लाख रुपये)। डिजिटल व क्वालिटी: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ऑन-बोर्डिंग (कैटलॉगिंग) के लिए 50% तक वित्तीय मदद और क्वालिटी सर्टिफिकेशन पर 100% रीइंबर्समेंट (अधिकतम 20 लाख रुपये)। पेटेंट व गारंटी: डोमेस्टिक पेटेंट के लिए 10 लाख और इंटरनेशनल पेटेंट के लिए 20 लाख रुपये तक के खर्च का 75% सरकार देगी। साथ ही, सीजीटीएमएसई गारंटी फीस की 100% प्रतिपूर्ति होगी।



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