पंजाबी यूनिवर्सिटी में नॉन-टीचिंग स्टाफ का प्रदर्शन: वेतन और पदोन्नति को लेकर गेट बंदकर की नारेबाजी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Patiala News
पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी में आज उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई जब नॉन-टीचिंग स्टाफ ने वेतन में देरी और लंबित पदोन्नति की मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वारों पर ताला जड़ दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण परिसर के भीतर और बाहर भारी अराजकता का माहौल देखा गया। मुख्य गेट बंद होने से अंदर फंसे छात्र और कर्मचारी नॉन-टीचिंग स्टाफ यूनियन के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह ही यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया। इस कदम के कारण कई छात्र, प्रोफेसर और अन्य कर्मचारी परिसर के अंदर ही फंस गए। गेट खोलने को लेकर अंदर मौजूद कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
मई का वेतन न मिलने से आर्थिक संकट प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी बदहाली का हवाला देते हुए कहा कि आज महीने की 22 तारीख हो चुकी है और जून का महीना भी समाप्त होने की कगार पर है, लेकिन उन्हें अभी तक मई महीने का वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च चलाना, बच्चों की स्कूल-कॉलेज की फीस भरना और बैंक ऋण की किस्तें (EMIs) चुकाना नामुमकिन हो गया है। हम लंबे समय से अपनी पदोन्नति और अन्य जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन हमारी सुध नहीं ले रहा।” वाइस चांसलर के खिलाफ जमकर नारेबाजी धरने के दौरान आक्रोशित कर्मचारियों ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (VC) और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के अन्य सभी प्रशासनिक और विकास कार्य सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन जब बात कर्मचारियों के वेतन और पदोन्नति की आती है, तो प्रशासन चुप्पी साध लेता है। सरकार के निर्देशों को भी ठंडे बस्ते में डाला: यूनियन नॉन-टीचिंग स्टाफ यूनियन के वरिष्ठ नेता गुरजीत सिंह गोपालपुरी ने कहा कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह उचित माना है और यूनिवर्सिटी प्रशासन को इनके जल्द समाधान के निर्देश भी जारी किए थे। लेकिन पंजाब सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन और वाइस चांसलर इन्हें लागू करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। प्रशासन के इस अड़ियल रवैये के कारण ही कर्मचारियों को आज यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया जाता और पदोन्नति की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन और तेज होगा।
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