अबोहर में पत्नी से बातचीत के शक में खूनी हमला: घायल ने 10 दिन बाद तोड़ा दम, गांव के 2 आरोपी गिरफ्तार, दो बच्चों का पिता था मृतक – Abohar News
अबोहर के निकटवर्ती गांव राजावाली में 10 दिन पहले हुई एक हिंसक वारदात ने अब हत्या का रूप ले लिया है। मजदूरी कर घर लौट रहे 32 वर्षीय जुगनू की इलाज के दौरान फरीदकोट के एक अस्पताल में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। जुगनू अपने पीछे पत्नी और दो छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गया है। क्या है पूरा मामला? मृतक के भतीजे सुनील ने बताया कि 10 जून की शाम जुगनू मजदूरी से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही एक नाई का काम करने वाला बिट्टू और उसके साथियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोपी बिट्टू को शक था कि जुगनू का उसकी पत्नी से बातचीत को लेकर विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते बिट्टू और उसके साथियों ने जुगनू पर कैंची और अन्य तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए जुगनू के साथी अशोक के साथ भी आरोपियों ने बुरी तरह मारपीट की। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और ग्रामीण इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जुगनू के परिवार पर आए इस संकट से हर कोई स्तब्ध है। 10 दिन तक मौत से लड़ता रहा जुगनू हमले में गंभीर रूप से घायल जुगनू को तुरंत अबोहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उसे फरीदकोट रेफर कर दिया गया था। करीब 10 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार रात जुगनू ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी थाना बहाववाला के प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि जुगनू की मौत के बाद अब मामले में हत्या (धारा 302) से संबंधित धाराएं जोड़ दी गई हैं। पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी बिट्टू पुत्र सरवण और उत्तम पुत्र महीराम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में नामजद अन्य आरोपी सरवण और मोहित सहित अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि: मामले की गहनता से जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।”
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