25 करोड़ के गबन में फंसाने का था डर: आत्महत्या से पहले वित्त निदेशक की कॉल कराई रिकॉर्ड, CBI ने बनाया चार्जशीट का हिस्सा – Chandigarh News

25 करोड़ के गबन में फंसाने का था डर:  आत्महत्या से पहले वित्त निदेशक की कॉल कराई रिकॉर्ड, CBI ने बनाया चार्जशीट का हिस्सा – Chandigarh News




हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के अकाउंट्स ऑफिसर बलवंत सिंह की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 4 मई को हरियाणा सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले बलवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले एचपीजीसीएल के वित्त निदेशक अमित दीवान के साथ हुई व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग करवाई थी। यह रिकॉर्डिंग अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ लग चुकी है और इसे 590 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है। वहीं, बलवंत सिंह को आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने के मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही है। इसी मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पहले ही वित्त निदेशक अमित दीवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच के दौरान सुसाइड नोट और अन्य अहम सबूत भी जुटाए गए थे। बाद में CBI ने चंडीगढ़ पुलिस से बलवंत का सुसाइड नोट और कॉल रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में लेकर उन्हें अपनी चार्जशीट में शामिल किया है। 25 करोड़ की ट्रांजैक्शन पर उठा था विवाद जांच के अनुसार, एचपीजीसीएल के बैंक खाते से 25 करोड़ रुपए एक चेक के जरिए निकाले गए थे। आरोप है कि यह राशि बाद में एक शेल कंपनी ‘स्वास्तिक प्रोजेक्ट’ के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। बताया गया कि संबंधित चेक बलवंत सिंह ने वित्त निदेशक अमित दीवान के कहने पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मैनेजर रिभव ऋषि को दिया था। बलवंत को यह जानकारी नहीं थी कि इसी चेक के जरिए इतनी बड़ी सरकारी राशि निकाल ली जाएगी। जब उन्हें ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली तो उन्होंने अमित दीवान से चेक वापस करने और रकम लौटाने की बात कही। व्हाट्सएप कॉल में कथित तौर पर अमित दीवान ने भरोसा दिलाया कि राशि वापस जमा करा दी जाएगी। इसी बातचीत की रिकॉर्डिंग बलवंत ने करवाई थी। सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप बलवंत सिंह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्होंने अमित दीवान के निर्देश पर ही चेक बैंक मैनेजर को सौंपा था। जब 25 करोड़ रुपए निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत करने और फाइल पर नोटिंग करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद अमित दीवान ने उन्हें निलंबित करने की धमकी दी। मानसिक दबाव और तनाव के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। सहकर्मी से करवाई थी रिकॉर्डिंग जांच में सामने आया है कि बलवंत सिंह को आशंका थी कि 25 करोड़ रुपए के गबन का आरोप उन पर लगाया जा सकता है, क्योंकि चेक उनके माध्यम से बैंक तक पहुंचा था। इसी कारण उन्होंने अपने एक सहकर्मी से व्हाट्सएप कॉल स्पीकर पर चलाकर अमित दीवान से हुई बातचीत रिकॉर्ड करवाई। इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर 25 करोड़ रुपए की ट्रांजैक्शन और चेक वापस करने को लेकर बातचीत दर्ज है। CBI ने पिछले सप्ताह पंचकूला जिला अदालत में दाखिल चार्जशीट में अमित दीवान समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया है। वहीं, बलवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में चंडीगढ़ पुलिस की जांच अभी भी जारी है।



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