2 एएसआई हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला: दो हत्यारे दोषी करार; शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मुआवजे के आदेश – Ludhiana News

2 एएसआई हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला:  दो हत्यारे दोषी करार; शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मुआवजे के आदेश – Ludhiana News




लुधियाना में वर्ष 2021 में जगराओं की नई अनाज मंडी में हुए चर्चित दोहरे पुलिस हत्याकांड में लुधियाना की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। एडिशनल सैशन जज सरू मेहता कौशिक की अदालत ने मुख्य आरोपियों में शामिल बलजिंदर सिंह उर्फ बब्बी और दर्शन सिंह को हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया है। वहीं, सबूतों के अभाव में कई अन्य आरोपियों को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी कर दिया गया। अदालत ने शहीद दोनों एएसआई के परिवारों को मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। 15 मई 2021 को हुई थी वारदात
यह मामला 15 मई 2021 का है। जगराओं की नई अनाज मंडी में पुलिस टीम कुख्यात गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी खरड़ को पकड़ने के लिए अभियान चला रही थी। दोनों गैंगस्टर बाद में कोलकाता में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। अभियोजन के अनुसार, एएसआई भगवान सिंह, एएसआई दलविंदरजीत सिंह और पंजाब होमगार्ड के जवान राजविंदर सिंह गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें अनाज मंडी में एक हुंडई आई-10 कार और एक कैंटर संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पुलिस जैसे ही संदिग्धों के पास पहुंची, आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गैंगस्टरों ने पुलिस टीम पर बरसाईं गोलियां
अदालत में पेश प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के अनुसार, गैंगस्टर जयपाल भुल्लर ने एएसआई भगवान सिंह को गोली मारी, जबकि जस्सी खरड़ ने एएसआई दलविंदरजीत सिंह पर फायरिंग की। इस दौरान आरोपी बलजिंदर सिंह उर्फ बब्बी ने एक पुलिस अधिकारी को पकड़कर रोके रखा, जबकि एक अन्य आरोपी ने होमगार्ड जवान राजविंदर सिंह पर भी गोली चलाई। हालांकि राजविंदर सिंह इस हमले में बच गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों एएसआई की मौत गोली लगने से हुई। मेडिकल सबूतों से यह भी साबित हुआ कि गोलियां बेहद नजदीक से चलाई गई थीं। काल ट्रैप में फंसा था दर्शन घटना के बाद पुलिस ने लगातार दर्शन और बलजिंदर के रिश्तेदारों के काल ट्रैप पर लगाए हुए थे। घटना से दो दिन पहले दर्शन के एक रिश्तेदार के फोन पर मध्यप्रदेश के नंबर से काल आया था। ये काल आने के बाद नंबर बंद आने लगा। ओक्कू की टीम ने इस नंबर को ट्रैक किया तो वो मध्यप्रदेश का था और उसकी लोकेशन को खंगालते हुए हरचरण के घर पहुंच गए। जहां तीनों को काबू किया गया था लेकिन पुलिस इसे जानकारी के आधार पर हुई गिरफ्तारी बता रही थी। 70 गवाहों और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के 70 गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट का परीक्षण किया। इसके बाद अदालत ने बलजिंदर सिंह उर्फ बब्बी और दर्शन सिंह को हत्या, हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी पर हमला तथा सरकारी सर्विस रिवॉल्वर लूटने के अपराध में दोषी ठहराया। इसके अलावा भारत कुमार को घटना के बाद आरोपियों को शरण देने और उनकी मदद करने का दोषी पाया गया। अवैध हथियार रखने के मामले में भी दोषी
अदालत ने सतपाल कौर, गगनदीप सिंह उर्फ नन्ना, जसप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह उर्फ लक्की और नानक चंद को बिना लाइसेंस अवैध हथियार और कारतूस रखने का दोषी करार दिया।
हालांकि, अदालत ने सभी आरोपियों को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी कर दिया। वहीं आरोपी लक्की राजपूत को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया गया। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
सजा सुनाते हुए अदालत ने शहीद एएसआई भगवान सिंह और एएसआई दलविंदरजीत सिंह के परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि दोषियों से वसूले गए जुर्माने में से 25-25 हजार रुपये दोनों परिवारों को दिए जाएं। इसके अलावा पंजाब सरकार को विक्टिम कंपनसेशन फंड से भी अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पुलिस अधिकारी ड्यूटी के दौरान अपराधियों का सामना करते हुए शहीद हुए थे, इसलिए उनके परिवारों को उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।



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