मोगा में बेटी के गम में पिता ने दी जान: 3 माह पहले पानी नाले में डूबी थी मासूम बच्ची, तनाव में 33 साल के युवक ने खाया जहर – Moga News
मोगा जिले के थाना बाघा पुराना के अंतर्गत आते गांव गुरूसर माड़ी से एक बेहद हृदयविदारक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अपनी मासूम बेटी की आकस्मिक मौत का सदमा बर्दाश्त न कर पाने के कारण 33 वर्षीय एक पिता ने जहरीली दवा पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान गुरचरण सिंह के रूप में हुई है। इस दोहरे हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम और शोक का माहौल है। खिलौना उठाते समय खाले में डूब गई थी मासूम बेटी पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले गुरचरण सिंह की छोटी बेटी घर के पास पानी के खाले (सिंचाई नाले) में गिर गई थी। बताया गया कि बच्ची खेलते-खेलते अपना खिलौना उठाने के लिए खाले के नजदीक गई थी, जहाँ पैर फिसलने के कारण वह गहरे पानी में डूब गई और उसकी मौत हो गई। इस भयानक हादसे के बाद से ही पिता गुरचरण सिंह गहरे सदमे में चले गए थे और गंभीर मानसिक परेशानी (अवसाद) से जूझ रहे थे। मानसिक तनाव में उठाया आत्मघाती कदम ASI चरणजीत सिंह ने बताया कि बेटी की जुदाई के गम और मानसिक तनाव के चलते बीते दिन गुरचरण सिंह ने घर में रखी कोई जहरीली दवा गटक ली। दवा पीते ही जब गुरचरण सिंह की हालत बिगड़ने लगी और वे तड़पने लगे, तो परिजनों को घटना का पता चला। आनन-फानन में उन्हें तुरंत रामपुरा फूल स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन जहर शरीर में पूरी तरह फैल जाने के कारण उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। एएसआई चरणजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक की पत्नी बलजीत कौर के बयानों को आधार बनाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई है। सरकारी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। तीन महीने के भीतर एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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