मोगा में चाइना डोर की बिक्री, भंडारण मिला तो कार्रवाई: हादसे को देखते हुए प्रशासन ने जारी किया आदेश, पुलिस को चेकिंग के आदेश – Moga News
पतंगबाजी के सीजन से पहले जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मोगा के जिला मजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने जिले के भीतर सिंथेटिक/प्लास्टिक से बनी ‘चाइना डोर’ की बिक्री, भंडारण (स्टॉकिंग) और उपय
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यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किए गए हैं। प्रशासन का यह प्रतिबंध आगामी 31 अगस्त, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
इंसानों और बेजुबान पक्षियों के लिए ‘काल’ है चाइना डोर
जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मोगा जिले में बड़े पैमाने पर पतंगबाजी की जाती है, जिसमें अक्सर इस घातक सिंथेटिक डोर का इस्तेमाल देखने को मिलता है। प्लास्टिक से निर्मित होने के कारण यह डोर बेहद मजबूत होती है, जिससे न केवल पतंग उड़ाने वालों के हाथ और उंगलियां कट जाती हैं, बल्कि यह सड़कों पर चलने वाले राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है।
जिला मजिस्ट्रेट, मोगा सागर सेतिया ने कहा कि इस डोर की चपेट में आने से साइकिल, स्कूटर और मोटरसाइकिल चालकों की गर्दन व कान कटने जैसी बेहद दर्दनाक घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। जनजीवन की सुरक्षा के लिए इस पर रोक लगाना अनिवार्य था।”
पर्यावरण और पक्षियों को भी भारी नुकसान
प्रशासन ने चिंता जताते हुए कहा कि यह घातक डोर केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि आकाश में उड़ने वाले बेजुबान पक्षियों के लिए भी काल बन चुकी है। चाइना डोर में फंसकर हर साल सैकड़ों पक्षियों की मौत हो जाती है। इसके अलावा, पेड़ों और बिजली के तारों पर फंसे पक्षियों के शवों के कारण पर्यावरण प्रदूषित होता है और दुर्गंध फैलती है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी जेल
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा और पर्यावरण को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि कोई भी दुकानदार या नागरिक इस आदेश का उल्लंघन करते हुए चाइना डोर बेचते, जमा करते या इसका उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

