महाराष्ट्र में कार 800 फीट गहरी खाई में गिरी: 8 की मौत, मोबाइल लोकेशन से पता चला; कर्नाटक में 11 लोग नदी में डूबे
देश के दो पड़ोसी राज्यों में रविवार को बड़े हादसे हुए। महाराष्ट्र के रायगड में पोलादपुर-महाबलेश्वर रोड के अंबेनली घाट इलाके मेंरविवार सुबह एसयूवी कार 800 फीट गहरी खाई में गिर गई। घटना में 8 लोगों की मौत हुई है। पीड़ित परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने मृतकों के मोबाइल की लास्ट लोकेशन ट्रेस की। तब जाकर घटना की जानकरी मिली। इधर, कर्नाटक के भटकल में रविवार दोपहर टट्टीहक्कल नदी में सीप इकट्ठा करते समय डूबने से एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई। कुल 14 लोग थे, जिनमें से 3 का रेस्क्यू किया गया था। NDRF के मुताबिक, घटना की जानकारी रविवार शाम 5 बजे मिली थी। 10 शव बरामद हुए हैं। महाराष्ट्र की घटना की 2 तस्वीरें… कर्नाटक की घटना की 3 तस्वीरें… दोनों घटनाएं एक-एक कर जानिए… महाराष्ट्र: मोबाइल की लास्ट लोकेशन से हादसे की जानकारी मिली पुलिस ने बताया कि सभी 8 लोग रविवार रात 2 बजे SUV से डापोली के हार्ने से सतारा के लिए रवाना हुए थे। जब वे सतारा नहीं पहुंचे तो उनके परिजनों ने दोपहर में उनकी तलाश शुरू की। जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान कार में सवार लोगों के मोबाइल फोन की लास्ट लोकेशन ट्रेस की गई। सभी की आखिरी लोकेशन पोलादपुर के पास ट्रेस हुई। इसके बाद अंबेनली घाट इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सोमवार सुबह पुलिस को 800 फीट गहरी खाई में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त SUV मिली। इसके बाद लोकल की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। इसके बाद खाई में उतरा गया। 2 शव रेस्क्यू किए गए। 3 शव की लोकेशन मिली। बाकी शवों की तलाश जारी है। शवों को एहतियात के साथ खाई से निकाला जा रहा है। मृतकों की पहचान रितेश लोखंडे (22), सुहास लोखंडे (20), उत्कर्ष शिंगटे (21), निखिल शिंगटे (25), महेश पवार (25), आदित्य सालुंखे (21), राजेश काटकर (35) के रूप में हुई है। ये सभी सतारा के रहने वाले थे। वहीं अंश चव्हाण (19) रत्नागिरी का रहने वाला था। कर्नाटक: एक-दूसरे को बचाने में बह गए 11 लोग कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल में रविवार को एक ही परिवार के 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 9 महिलाएं शामिल हैं। परिवार के 14 लोग तट्ठीहक्कल कालिनट्टी स्ट्रीम में सीपियां (क्लैम्स) इकट्ठा करने गए थे। पुलिस के मुताबिक, शरदाहोले गांव का परिवार सीपियां इकठ्ठा करने उस जगह गया था, जहां स्ट्रीम अरब सागर से मिलती है। सीपियां इकट्ठा करना इस इलाके का मौसमी काम माना जाता है। जब सभी स्ट्रीम में उतरे, तब पानी का बहाव कम था, लेकिन जैसे ही वे गहराई में उतरे तो हाई टाइड की वजह से पानी का बहाव तेज हो गया। स्ट्रीम में ज्यादा गाद होने से लोग तुरंत पानी से बाहर नहीं आ सके। इन लोगों को तैराना भी नहीं आता था। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में सभी ने एक-दूसरे हाथ पकड़े, लेकिन तेज बहाव में बहते चले गए। मरने वालों में लक्ष्मी महादेव नाइक (40), लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक (40), लक्ष्मी अन्नप्पा नाइक (50), महादेव भैरप्पा नाइक (45), लक्ष्मी शिवराम नाइक (40), ज्योति नागप्पा नाइक (40), मालती नाइक (38), मस्तम्मा मंजूनाथ नाइक (45), मंजम्मा गोइधा नाइक (40), नागरत्ना परमेश्वर नाइक (38) और उमेश मंजूनाथ नाइक के नाम शामिल हैं। महादेवी मंजूनाथ नाइक (60), लता जगदीश नाइक (38) और नागरत्ना ईश्वर नाइक (40) को स्थानीय मछुआरों ने बचाया लिया था। ……………………
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