फरीदकोट में AAP का केंद्र सरकार खिलाफ रोष मार्च: दिल्ली में आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन, नेता बोले- इस्तीफे के साथ माफी भी मांगे धर्मेंद्र प्रधान – Faridkot News
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के आह्वान पर जिला फरीदकोट इकाई की ओर से विशाल रोष मार्च निकाला गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ थालियां बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ‘आप’ के जिला प्रधान एवं जिला योजना समिति के अध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा ने किया। कार्यक्रम में फरीदकोट के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों, जैतो के विधायक अमोलक सिंह, और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट फरीदकोट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। केंद्र सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा घंटाघर चौक में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली की जमकर आलोचना की। नेताओं ने कहा कि नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ जब देश के छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय केंद्र सरकार उन पर अत्याचार कर रही है। इससे देशभर के युवाओं और छात्रों में भारी रोष है। आम आदमी पार्टी नेताओं का कहना है कि भले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन केंद्र सरकार को छात्रों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान को तो पेपर लीक का मामला सामने आते ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उसी दिन इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन सरकार अपनी नाकामी स्वीकार करने से बचती रही।” पेपर लीक से टूटते हैं युवाओं के सपने प्रदर्शन के दौरान फरीदकोट के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद कम उम्र से ही उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाने में मेहनत करते हैं। लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो छात्रों और उनके परिवारों के सपने पल भर में टूट जाते हैं। ऐसे माहौल में युवाओं को अपना भविष्य असुरक्षित और अंधकारमय दिखाई देने लगता है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं।
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