जंतर-मंतर आंदोलन में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि: अमृतसर में कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र पर साधा निशाना – Amritsar News

जंतर-मंतर आंदोलन में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि:  अमृतसर में कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र पर साधा निशाना – Amritsar News




अमृतसर में शनिवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की आत्मशांति के लिए विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और नीट व पेपर लीक मामले में संघर्षरत छात्रों का पूर्ण समर्थन किया। “जलियांवाला बाग की पावन धरती ने हमेशा अन्याय के खिलाफ उठाई है आवाज” पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. राज कुमार वेरका ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अमृतसर जलियांवाला बाग की वह पवित्र और ऐतिहासिक धरती है, जिसने हर दौर में अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता उन संघर्षशील छात्रों की शहादत को नमन करने एकत्र हुए हैं, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए अपनी जान दे दी। वेरका ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र में युवाओं की बुलंद आवाज की बड़ी जीत है। यह भारत के संविधान, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, युवाओं के अटूट संघर्ष और हमारे नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाई गई आवाज की जीत है।” ‘पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश से मांगें माफी’ कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह बंडाला ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन मासूम छात्रों को इस आंदोलन में अपनी जान गंवानी पड़ी, उसके बाद किसी भी राजनीतिक जीत का दावा करना बेहद दुखद और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेला है। बंडाला ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस विफलता के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कैंडल मार्च के जरिए दी श्रद्धांजलि, लोकतंत्र की जीत के रूप में मनाया अमृतसर शहरी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सौरभ मदान मिट्ठू ने बताया कि पार्टी द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद इस कार्यक्रम को न केवल श्रद्धांजलि सभा, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और छात्र शक्ति की विजय के रूप में भी मनाया गया।



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