फतेहगढ़ साहिब नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों ने की तोड़फोड़: पुलिस से धक्कामुक्का-वर्दी फाड़ी; कैंची गेट और सीसीटीवी तोड़े, 13 गिरफ्तार – Fatehgarh Sahib News
फतेहगढ़ साहिब के गांव ब्राह्मण माजरा स्थित सरकारी नशा मुक्ति (पुनर्वास) केंद्र में मरीजों द्वारा भारी हंगामा और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। डीएसपी कुलबीर सिंह ने बताया कि केंद्र की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हवलदार अमरीक सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। घटना शनिवार शाम की है, जब केंद्र में भर्ती मरीज एक साथ बैठकर रात का भोजन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ मरीजों ने वहां मौजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी और गुस्से में खाने के बर्तन फेंक दिए। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस कर्मियों से धक्का मुक्की और हाथापाई भी की बीच-बचाव करने गई पुलिस की वर्दी फाड़ी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जब उग्र हो रहे मरीजों को समझाने और शांत करने का प्रयास किया, तो मामला और बिगड़ गया। मरीजों ने तैश में आकर केंद्र परिसर की इंटरलॉक टाइलें उखाड़ दीं, खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले और वहां लगे कैंची गेट व सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को भारी नुकसान पहुंचाया। हंगामे की सूचना मिलते ही सुरक्षा में तैनात हवलदार अमरीक सिंह और पुलिसकर्मी कुलदीप सिंह तुरंत बीच-बचाव के लिए अंदर पहुंचे। लेकिन, उपद्रवी मरीजों ने पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए हवलदार अमरीक सिंह की वर्दी फाड़ दी। भारी पुलिस बल ने पाया काबू, सभी 13 आरोपी भेजे गए जेल स्थिति को हाथ से निकलता देख तुरंत थाना फतेहगढ़ साहिब से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। भारी पुलिस टीम ने नशा मुक्ति केंद्र पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया और उपद्रव कर रहे 13 आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवनदीप सिंह, केवलप्रीत सिंह, भवनदीप सिंह, बलजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, खलील, कोमलजीत सिंह और सुनील जोशी सहित कुल 13 लोग शामिल हैं। विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ थाना फतेहगढ़ साहिब में विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा सभी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की आगे की कानूनी जांच बारीकी से जारी है।
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