पठानकोट में 5 महीने से पानी का संकट: सीवर जाम होने पर लोगों का फूटा गुस्सा; वार्ड-24 में प्रदर्शन, चक्का जाम की चेतावनी – Pathankot News
पठानकोट के वार्ड नंबर 24 में पेयजल संकट और बदहाल सीवर व्यवस्था से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की। स्थानीय निवासी विजय कुमार ने बताया कि पिछले चार से पांच महीनों से इलाके में पीने के पानी की गंभीर किल्लत है। भीषण गर्मी के बावजूद घरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी हो रही है। उनकी शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक अन्य निवासी मदन लाल के अनुसार, वार्ड के ऊंचाई वाले हिस्सों में स्थिति सबसे खराब है। विजय बोले- हर केवल आश्वासन मिला निचले इलाकों में कुछ समय के लिए पानी आता है, लेकिन ऊंचाई पर स्थित सौ से अधिक घरों तक पानी बिल्कुल नहीं पहुंच रहा। यहां तक कि पास के पंप का पानी भी इन घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। निवासी जसवंत ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है। हालांकि, हर बार केवल आश्वासन ही मिले और समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं सुषमा देवी और रानी ने सीवर व्यवस्था की बदहाली बताई। उन्होंने कहा कि सीवर लाइनें महीनों से जाम हैं, जिससे गंदा पानी गलियों से होते हुए घरों के अंदर तक घुस रहा है। इलाके में फैली दुर्गंध इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है और मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इलाके की बुजुर्ग महिला राम रश्मी ने बताया कि घरों में पानी न आने के कारण उन्हें पास के मंदिर से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वार्ड के सभी हिस्सों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जाम पड़ी सीवर लाइनों की तत्काल मशीनों से सफाई करवाई जाए तथा मच्छरों से बचाव के लिए पूरे क्षेत्र में फॉगिंग करवाई जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम और प्रशासन ने जल्द स्थायी समाधान नहीं किया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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