पठानकोट में महिला का शर्मनाक कारनामा: चलती ट्रेन में मासूम बच्चे को लावारिस छोड़कर महिला फरार; GRP ने अनाथ आश्रम पहुंचाया – Pathankot News
पठानकोट रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाके में मानवता को झकझोर देने वाली और बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है। एक अज्ञात महिला कथित तौर पर अपने महज डेढ़ से दो वर्ष के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन की बोगी में लावारिस छोड़कर दूसरी ट्रेन में सवार होकर रफूचक्कर हो गई। मां को दूर जाते देख मासूम रोने लगा। जिसके बाद ट्रेन में सफर करने वाली अन्य महिला यात्री ने बच्चे को संभाला और भरोली जीआरपी थाना जाकर अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया। मामले की भनक लगते ही गवर्नमेंट रेलवे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मासूम को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्चे को बाल संरक्षण विभाग की देखरेख में आश्रय गृह भेज दिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों और रेलवे नेटवर्क के जरिए फरार महिला तथा बच्चे के परिजनों की तलाश में सरगर्मी से जुट गई है। भरोली स्टेशन पर घटी घटना: चलती ट्रेन से उतरी महिला, दूसरी में सवार होकर हुई फरार प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंपा देवी, निवासी सुंदर चक्क, मैरा कॉलोनी, थाना सुजानपुर, जिला पठानकोट एक मासूम बालक उम्र करीब 1.5 से 2 वर्ष को गोद में लेकर अचानक जीआरपी थाना पठानकोट पहुंचीं। चंपा देवी और ट्रेन में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, उसने सभी के होश उड़ा दिए। वेरका-पठानकोट पैसेंजर ट्रेन: रविवार की देर शाम 8 बजे के करीब मासूम बच्चा वेरका से पठानकोट आ रही पैसेंजर ट्रेन के डिब्बे में अकेला रोता हुआ पाया गया। शातिर तरीके से फरार: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लगभग 20 से 25 वर्ष की एक अज्ञात युवती बच्चे के साथ सफर कर रही थी। जैसे ही ट्रेन भरोली रेलवे स्टेशन से रवाना होने लगी, वह महिला बच्चे को वहीं सीट पर छोड़कर नीचे उतर गई। लोगों ने बताया कि इसके बाद वह महिला सामने वाली पटरी पर आ रही अमृतसर जाने वाली दूसरी ट्रेन में चढ़कर मौके से गायब हो गई।
जब ट्रेन आगे बढ़ी और बच्चा लगातार रोने लगा, तो वहां मौजूद चंपा देवी ने हिम्मत दिखाई और मासूम को संभाला व पठानकोट स्टेशन पहुंचते ही सीधे रेलवे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बाल संरक्षण इकाई को दी गई सूचना, अनाथ आश्रम में सुरक्षित मासूम मामले की संवेदनशीलता और मासूम की सुरक्षा को देखते हुए जीआरपी पठानकोट ने बिना कोई समय गंवाए जिला बाल संरक्षण इकाई प्रमुख DCPO ऊषा से संपर्क साधा। बाल कल्याण समिति और जीआरपी अधिकारियों की मौजूदगी में कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी की गई। आश्रय गृह सौंपा: मासूम को ‘मेरा परिवार अनाथ आश्रम’ सीताराम मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, पठानकोट के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है। इस संबंध में जीआरपी थाना पठानकोट में डीडीआर नंबर 34, के तहत रपट दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई है। CCTV खंगाल रही पुलिस, परिजनों का पता लगाने के लिए रेलवे नेटवर्क अलर्ट घटना के बाद जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने कहा कि बच्चे की शिनाख्त और उसकी मां/परिजनों का सुराग लगाने के लिए भरोली रेलवे स्टेशन, पठानकोट जंक्शन और आसपास के सभी प्रमुख इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अमृतसर और वेरका रूट के स्टेशनों को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल और अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। हमारी प्राथमिकता बच्चे को सुरक्षित उसके असली वारिसों तक पहुंचाना और महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। अशोक कुमार ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति इस मासूम बच्चे या इसे छोड़कर भागी महिला के बारे में कोई सटीक जानकारी रखता है, तो वे तुरंत जीआरपी थाना पठानकोट या स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क कर जानकारी साझा कर सकते हैं।
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