पठानकोट के रोमांच का अंतिम संस्कार: मां ने सेहरा बांध दी विदाई, न्यूयॉर्क सेंट्रल पार्क में गई थी जान, पूरे शहर की आंखें नम – Pathankot News

पठानकोट के रोमांच का अंतिम संस्कार:  मां ने सेहरा बांध दी विदाई, न्यूयॉर्क सेंट्रल पार्क में गई थी जान, पूरे शहर की आंखें नम – Pathankot News




न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क हादसे में जान गंवाने वाले पठानकोट के 18 वर्षीय युवक रोमांच महाजन का सोमवार को नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से पठानकोट शहर में शोक का माहौल है। रोमांच के अंतिम संस्कार में शहर के तमाम राजनेताओं के अलावा सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधि पहुंचे और परिवार को हौसला दिया। बता दें, पठानकोट की इंदिरा कॉलोनी निवासी रोमांच महाजन अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ अमेरिका गया था। परिवार का 15 दिन का टूर कार्यक्रम था, जो न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध सेंट्रल पार्क में हुई दुर्घटना में शिकार हो गया। 17-18 जून को हुई थी मौत, 5 दिन बाद पहुंचा शव बता दें, हादसा भारतीय समयानुसार 15-16 जून की रात को हुआ। गंभीर तौर पर घायल रोमांच को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन, 17-18 की देर रात रोमांच की मौत हो गई। जिसके बाद शव रविवार देर रात अमृतसर एयरपोर्ट के रास्ते पठानकोट लाया गया और सोमवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। अब जानिए पूरा मामला… पठानकोट से अमेरिका घूमने गया था परिवारः न्यूयॉर्क में हादसे का शिकार हुए रोमांच महाजन (18) माता-पिता के साथ 14 जून को वहां गया था। परिवार का 15 दिन का टूर था। इसमें परिवार ने 2-3 दिन और घूमने के बाद रोमांच की भुआ (अमेरिका) के घर जाना था। लेकिन, उसके पहले ही हादसा हो गया। परिवार पठानकोट के इंदिरा कॉलोनी में रहता है। अचानक बेकाबू हुआ घोड़ा, घोड़ा-गाड़ी पलटीः न्यूयॉर्क पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने पिता दीपक महाजन, मां प्रिया महाजन और छोटे भाई माणिक के साथ पारंपरिक घोड़ा-गाड़ी में बैठकर सेंट्रल पार्क की सैर कर रहा था। इसी दौरान ‘चेरी हिल’ इलाके के पास घोड़ा अचानक किसी बात से डर गया और बेकाबू होकर सरपट दौड़ने लगा। सड़क से टकराया सिरः बेकाबू घोड़ा बग्गी को घसीटते हुए ‘वेस्ट ड्राइव’ की तरफ भागा और मशहूर ‘टैवर्न ऑन द ग्रीन’ रेस्टोरेंट के पास दूसरी घोड़ा-गाड़ी से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बग्गी बीच सड़क पर ही पलट गई और रमन उछलकर कंक्रीट की सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके सिर पर गहरी चोटें आईं। मां को बचाने के चक्कर में गई जानः रोमांच के दादा सुरेश महाजन ने बताया कि बग्गी में पूरा परिवार सवार था। घोड़ा जैसे ही बिदका उसके पीछे बग्गी चालक भी दौड़ा पर घोड़ा तेजी से बग्गी सहित निकल भागा। परिवार के मुताबिक रोमांच और मां प्रिया एक साइड बैठे थे। जैसे ही घोड़ा तेज दौड़ा तो बग्गी का संतुलन बिगड़ गया और प्रिया बग्गी से नीचे गिर गई। मां को बचाने के चक्कर में रोमांच ने भी छलांग लगा दी। इंटरनल ब्लीडिंग से मौतः हादसे में प्रिया महाजन के हलकी चोटें आईं। लेकिन, रोमांच सिर के बल नीचे गिरा। जिससे उसके हेड इंजरी हुई। अस्पताल में 2 दिन उसका इलाज चला लेकिन, इंटरनल ब्लीडिंग के कारण उसकी जान चली गई। फोटो खींच रहा ड्राइवर सस्पेंड, घोड़े सैमसन को भी हटाया शुरुआती जांच और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के बयानों के मुताबिक, हादसे के वक्त बग्गी चालक अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। वह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रियों की फोटो खींचने के लिए गाड़ी से नीचे उतरा हुआ था, तभी घोड़ा बिदक गया। हादसे के बाद बग्गी मालिक ने ड्राइवर को नौकरी से सस्पेंड कर दिया और हादसे में शामिल 7 वर्षीय घोड़े ‘सैमसन’ को भी इस काम से हटा दिया है। पिता पठानकोट में चलाते हैं टूर ट्रैवल का बिजनेस रोमांच के पिता दीपक महाजन पठानकोट में ऑप्युलेंस टूर के नाम से ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। दादा रमेश शहर में ज्वेलरी कारोबार चला रहे हैं। इसके इलावा दीपक का परिवार शहर में होटल, ज्यूलर्स कारोबार से जुड़ा है। रोमांच के निधन के बाद पठानकोट शहर में शोक की लहर है। 12वीं में पाए थे 92 फीसद अंक रोमांच को घर में रकित के नाम से जाना जाता था। पढ़ाई में तेज रोमांच ने इसी साल एंजल्स पब्लिक स्कूल से 12वीं 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए थे। जिसके बाद परिवार रोमांच को जयपुर में पढ़ाई के लिए भेजने पर विचार कर रहा था। न्यूयॉर्क में 150 साल पुरानी इस परंपरा को बंद करने की उठी मांग इस हादसे ने न्यूयॉर्क में पिछले 150 वर्षों से चल रहे घोड़ा-गाड़ी उद्योग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्क की देखरेख करने वाली संस्था ‘सेंट्रल पार्क कंजर्वेंसी’ और पशु अधिकार संगठनों ने इस उद्योग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है। संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक युवा हमारे पार्क का आनंद लेने आया था और उसने अपनी जान गंवा दी। अमेरिका के सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थलों में से एक के बीच इस पुरानी और असुरक्षित परंपरा को जारी रखने की कीमत किसी की जान देकर नहीं चुकाई जा सकती। संस्था ने कहा- हम ‘राइडर्स लॉ’ को पारित करने की मांग करते हैं, जिससे इन घोड़ा-गाड़ियों पर प्रतिबंध लगे और चालकों को वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।



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