पठानकोट की अजीजपुर नहर से रिसाव: किनारे टूटने की आशंका से डरे लोग, पिछले साल हुई थी भारी तबाही; अब तक स्थायी समाधान नहीं – Pathankot News

पठानकोट की अजीजपुर नहर से रिसाव:  किनारे टूटने की आशंका से डरे लोग, पिछले साल हुई थी भारी तबाही; अब तक स्थायी समाधान नहीं – Pathankot News




पठानकोट के सुजानपुर हल्के के गांव अजीजपुर खदावर और आसपास के कई गांवों में नहर टूटने का खतरा फिर से मंडरा रहा है। पिछले वर्ष इसी स्थान पर नहर टूटने से भारी नुकसान हुआ था, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। बरसात का मौसम शुरू होते ही नहर के किनारों से पानी का रिसाव शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण किसान जरनैल सिंह ने बताया कि पिछले साल नहर का किनारा टूटने से तेज बहाव का पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में घुस गया था, जिससे बिजली का ट्रांसफार्मर भी बह गया था। विभाग ने बाद में ट्रांसफार्मर तो दोबारा लगा दिया, लेकिन नहर की स्थायी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विभाग ने सिर्फ मिट्टी डालकर की खानापूर्ति ग्रामीण विजय सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले साल अगस्त में नहर टूटने के बाद विभाग ने केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति की थी। मिट्टी की सही तरीके से भराई और कुटाई न होने के कारण अब बरसात शुरू होने से पहले ही नहर से पानी का रिसाव होने लगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पूरे इलाके में फिर से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। घरों में 6-6 फीट तक भरा था पानी ग्रामीणों ने पिछले साल आई तबाही का जिक्र करते हुए बताया कि उनके घरों में छह-छह फीट तक पानी भर गया था। टीवी, फ्रिज, फर्नीचर और अन्य कीमती सामान पूरी तरह नष्ट हो गए थे। खेतों में लगी मोटरें और इंजन भी पानी में डूबकर खराब हो गए थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से केवल सात से आठ हजार रुपए का मुआवजा देकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि अधिकारी मौके पर आते हैं, केवल अपना फोन नंबर देकर यह कहकर चले जाते हैं कि पानी बढ़ने पर सूचना दें। पिछले वर्ष जैसी तबाही दोबारा न हो ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर केवल अपना फोन नंबर देकर यह कहकर चले जाते हैं कि पानी बढ़ने पर सूचना दे देना। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा उपाय करने चाहिए। नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की गांववासियों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात के चरम पर पहुंचने से पहले नहर के कमजोर हिस्से को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए व स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पिछले वर्ष जैसी तबाही दोबारा न दोहराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी संभावित नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।



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