पंजाब कांग्रेस में कलह, चन्नी का सरेंडर से इनकार: पूर्व CM पार्टी प्रभारी से नहीं मिलेंगे, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बड़ा फैसला – Ludhiana News
चरणजीत चन्नी जालंधर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद हैं और पंजाब के पूर्व मुख्समंत्री रह चुके हैं।
कांग्रेस हाईकमान के किनारा करने के बावजूद पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी ने AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के आगे सरेंडर से इनकार कर दिया है। बघेल 4 दिन से चंडीगढ़ में डटे हैं लेकिन चन्नी उनसे मिलने के लिए नहीं गए। बघेल के 5 दिन के दौरे का आज
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हालांकि इतना जरूर है कि चन्नी हाईकमान पर प्रेशर बनाने में कामयाब नहीं हो सके। उनके बातचीत के लिए राजी होने से 3 दिन से हाईकमान पर बना प्रेशर रिलीज हो गया। वहीं राजा वड़िंग पावरफुल बनकर निकले हैं। वह लगातार अपनी ताकत दिखा रहे हैं। बघेल भी हाईकमान के फैसले को सही ठहराने के लिए पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल जैसे नॉन एक्टिव नेताओं से तक मुलाकात करने के लिए उनके घर जा रहे हैं।
हालांकि बघेल को उम्मीद है कि उनकी दिल्ली वापसी से पहले चरणजीत चन्नी खुद मिल सकते हैं या उन्हें बुला सकते हैं। मगर, चन्नी के करीबी सोर्सेज का कहना है कि वह दिल्ली में ही राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं ताकि अगर उन्हें चुनाव में बड़ी भूमिका मिलती है तो उस पर बघेल नहीं बल्कि सीधे राहुल गांधी की मुहर हो। इसके बाद ही वह आगे कोई बड़ा फैसला लेंगे।
चन्नी गुट के नेता सांसद सुखजिंदर रंधावा, MLA प्रगट सिंह व पूर्व मंत्री आशु ने कहा कि कांग्रेस में ऑल इज वेल है। उनके 2 मेंबर शुक्रवार को चंडीगढ़ में बघेल से मिलेंगे।
जानिए, कांग्रेस के मौजूदा हालात में 2 एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
- न बघेल जाएंगे, न चन्नी आएंगे: पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि चन्नी गुट ने हाईकमान पर जो प्रेशर पहले तीन दिन बनाए रखा वो उसे बरकरार नहीं रख सके। उधर, राजा वडिंग लगातार अपनी ताकत भूपेश बघेल को दिखाने में कामयाब रहे। चन्नी गुट की भूपेश बघेल से मुलाकात हो भी जाएगी लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी खुद बघेल से मिलने से परहेज करेंगे।चन्नी अगर खुद बघेल से मिलने जाएंगे तो वो सीधे सीधे बैकफुट पर होंगे और फिर कांग्रेस में उनकी अहमियत भी कम हो जाएगी। चन्नी अब भी राहुल गांधी के विदेश से लौटने का इंतजार कर रहे हैं। वो स्पष्ट कर चुके हैं कि राहुल गांधी मेरे नेता हैं और मेरे नेता रहेंगे। इससे साफ है कि वो बड़ा फैसला लेने से पहले राहुल गांधी को जरूर मिलेंगे।
- चन्नी पर सरेंडर न करने का दबाव दिख रहा: पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि चरणजीत सिंह चन्नी अगर भूपेश बघेल से मिलने जाते हैं तो यह सीधे तौर पर उनका सरेंडर माना जाएगा और उनके साथ जो नेता खड़े हैं उनके लिए भी मुसीबत हो जाएगी। राजा वडिंग इस पूरे एपीसोड में पावरफुल होकर निकल गए।उनका कहना है कि अगर बघेल इस गुटबाजी को खत्म करके नहीं गए तो अगले दिनों में कांग्रेस में फिर से उथल-पुथल की स्थिति बनेगी। चन्नी गुट में कई नेता ऐसे हैं जो कि राजा वडिंग को प्रधान मानने को तैयार नहीं हैं। चन्नी ऐसी स्थिति में नहीं रहेंगे कि वो अपने समर्थकों को टिकट दिला सकें। उधर, राजा वडिंग का विरोध करने की वजह से वो उनका टिकट कटवाने का पूरा जोर लगाएं। ऐसे में चन्नी गुट के नेता भी चरणजीत सिंह चन्नी पर अब सरेंडर न करने का दबाव बना रहे हैं।

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पंजाब कांग्रेस में बगावती तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी हाईकमान के किनारा करने के बाद झुक गए हैं। गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर रंधावा, कपूरथला से MLA राणा गुरजीत और जालंधर कैंट से MLA परगट सिंह के बोल बदल गए हैं। चन्नी गुट के 2 नेता AICC के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। इनमें सांसद रंधावा भी शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि हमारी किसी से कोई नाराजगी नहीं है (पढ़ें पूरी खबर)

