दिल्ली अग्निकांड, एक-दूसरे की बाहों में मिले कपल के शव: IVF के लिए रुके थे; 21 मौतें, लाइबेरियाई महिला की पहचान हुई, पति अस्पताल में भर्ती

दिल्ली अग्निकांड, एक-दूसरे की बाहों में मिले कपल के शव:  IVF के लिए रुके थे; 21 मौतें, लाइबेरियाई महिला की पहचान हुई, पति अस्पताल में भर्ती


नई दिल्ली7 मिनट पहले

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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले 21 लोगों में एक अफ्रीकी कपल भी शामिल था। बचाव दल को उनके शव बाथरूम में मिले, जहां दोनों एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।

महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था और महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कपल पास के अस्पताल में IVF ट्रीटमेंट के लिए आया था।

आग में जान गंवाने वाले 21 लोगों में शामिल 61 साल की लाइबेरियाई महिला जेनजे एन. रोलैंड के शव की पहचान भी कर ली गई है। महिला के बीमार पति पहले से मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। एक रिश्तेदार ने AIIMS मोर्चरी पहुंचकर महिला के शव की पहचान की।

5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी थी।

5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी थी।

होटल मालिक पूछताछ में बोला- दिल्ली में सब चलता है

हादसे के मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी।

इस पर उसने कहा- ‘दिल्ली में सब चलता है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे। पूरी दिल्ली में इनके कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था।

बजाज ने पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाला खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, आग लगने के दौरान बजाज अपनी कार से जलती हुई इमारत के पास से गुजरा था। आरोपी ने बताया कि वह डर के कारण भाग गया था। उसने किसी की मदद नहीं की और पूरे दिन शहर में इधर-उधर घूमता रहा।

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया।

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया।

हादसा होने की 5 बड़ी वजह

  • खिड़कियां बंद थीं। वेंटिलेशन नहीं था। आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता था। जगह काफी सकरी थी। बाहरी फायर एस्केप (आपातकालीन निकास) की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसी इमारतें ‘चिमनी’ जैसी बन जाती हैं, धुआं-गर्मी कुछ ही सेकंड में ऊपर पहुंच जाती है।
  • प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। इसकी वजह से लोग बाहर ही नहीं निकल पाए।
  • स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
  • ग्राउंड फ्लोर पर कई भारी एलपीजी सिलेंडर रखे गए थे, जिनके लिए कोई फायर-आइसोलेशन सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत

देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए है।

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बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट: दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल

दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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