जालंधर में मसीही समाज का फूटा गुस्सा: बेअदबी के विरोध में रोष, हिमाचल में FIR दर्ज होने के बाद आरोपी मदन ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग – Jalandhar News

जालंधर में मसीही समाज का फूटा गुस्सा:  बेअदबी के विरोध में रोष, हिमाचल में FIR दर्ज होने के बाद आरोपी मदन ठाकुर की गिरफ्तारी की मांग – Jalandhar News




हिमाचल प्रदेश में पवित्र ग्रंथ बाइबल की बेअदबी और उसका अपमान करने का एक बेहद निंदनीय मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जालंधर में मसीही समाज और विभिन्न संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। जालंधर की कई धार्मिक व सामाजिक कमेटियों ने एकजुट होकर इस कृत्य का कड़ा विरोध किया है। हिमाचल पुलिस द्वारा इस संबंध में मामला दर्ज (FIR) कर लिया गया है, और अब पीड़ित समाज ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि कार्रवाई में देरी हुई, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। पेंटाकोस्टल क्रिश्चियन प्रबंधक कमेटी (PCPC) के पदाधिकारियों और अन्य सहयोगियों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से इस शर्मनाक घटना की जानकारी मिली। हिमाचल प्रदेश के रहने वाले मदन ठाकुर नाम के एक व्यक्ति का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पवित्र शास्त्र बाइबल के पन्नों को फाड़ता और उन्हें नीचे फेंकता नजर आ रहा था।
आरोपियों ने किताब फाड़ी आरोप है कि वहां मौजूद कुछ नौजवानों को एक धर्म प्रचारक ने पढ़ने और मन की शांति के लिए यह पवित्र किताब दी थी। लेकिन आरोपी ने उनके हाथों से किताब छीन ली, उसे फाड़ा और प्रभु यीशु मसीह तथा पवित्र ग्रंथ के खिलाफ बेहद गलत और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। प्रशासन के सहयोग से दर्ज हुआ मामला इस घटना के बाद ‘पेंटाकोस्टल क्रिश्चियन प्रबंधक कमेटी’ और ‘एंटी करप्शन विजिलेंस सेल’ की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष पास्टर मनिंदर बाजवा, स्टीफन सिद्धू और अन्य गणमान्य नेताओं की देखरेख में हिमाचल प्रशासन और शिमला पुलिस से संपर्क साधा गया। मसीही समाज के भारी विरोध और एकजुटता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाई और आरोपी मदन ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। संस्था के नेताओं ने बताया कि पुलिस ने उन्हें उचित कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया है और कानून के मुताबिक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दिलवाने की बात कही है। गिरफ्तारी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी मसीही नेताओं का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म के प्रचार-प्रसार की आजादी देता है। किसी को भी किसी दूसरे धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उनके पवित्र ग्रंथों का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया, तो पंजाब और हिमाचल की टीमें मिलकर शिमला में बड़ा प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार और जालंधर पुलिस कमिश्नर से भी अपील की है कि ईसाई भाईचारे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न घटे।



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