जगराओं के युवक की मलेशिया में हार्ट अटैक से मौत: मां ने पति के बाद बेटा भी खोया, कर्ज व गरीबी दूर करने तीन साल पहले गया था विदेश – Jagraon News
पंजाब के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य और परिवार की तंगहाली दूर करने के लिए विदेश जाने का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन कई बार वहां से ऐसी खबरें आती हैं जो पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ देती हैं। ऐसा ही एक बेहद हृदयविदारक मामला जगराओं के नजदीकी गांव पोना से सामने आया है, जहां रोजी-रोटी कमाने मलेशिया गए 30 वर्षीय नौजवान कमल कपूर सिंह की अचानक दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से मौत हो गई। इस दुखद खबर के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृत युवक कमल कपूर सिंह घर का इकलौता कमाने वाला था। उसके पिता हरदेव सिंह की मौत हो चुकी है। घर की गरीबी हालात को खत्म करने के लिए युवक तीन साल पहले ही कर्ज लेकर मलेशिया गया था। इस त्रासदी ने कमल की बुजुर्ग मां हरजिंदर कौर को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। सिर पर था कर्ज, मां को सुख देने के लिए तीन साल पहले गया था विदेश स्वर्गीय हरदेव सिंह के पुत्र कमल कपूर सिंह के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह राजू पोना ने बताया कि करीब तीन साल पहले कमल कपूर अपने परिवार पर चढ़े कर्ज के बोझ को उतारने और बूढ़ी मां को एक अच्छा व सुखद जीवन देने की उम्मीद के साथ कर्ज लेकर मलेशिया गया था। वह वहां दिन-रात मेहनत कर घर के हालात सुधारने की कोशिश में जुटा हुआ था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ दिन पहले आया दिल का दौरा पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले मलेशिया में काम के दौरान कमल को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और दिल का दौरा पड़ने के कारण उसका असमय निधन हो गया। जब इस बात की सूचना पंजाब में उनके घर पहुंची, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां पर टूटा दुखों का पहाड़, पहले पति और अब जवान बेटा खोया हरजिंदर कौर ने पहले अपने पति को खोया था और अब घर का इकलौता कमाने वाला जवान बेटा भी दुनिया से चला गया। परिवार में अब केवल बेसहारा मां और कमल का एक छोटा भाई रह गए हैं, जिनके आगे अब अंधकार छा गया है। गांव के लोगों व सामाजिक नेताओं ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बेहद गरीब और पीड़ित परिवार की सुध ली जाए और उनके लिए हरसंभव वित्तीय सहायता व पेंशन की व्यवस्था तुरंत की जाए। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर मंगवाया शव, सरकार से मदद की गुहार सरपंच हरप्रीत सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण शव को भारत लाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में गांव के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए आपस में चंदा इकट्ठा किया और कमल कपूर के पार्थिव शरीर को कानूनी प्रक्रियाओं के बाद भारत मंगवाया, जिसके बाद नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया। गांव के निवासियों और स्थानीय सामाजिक नेताओं ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस बेहद गरीब और पीड़ित परिवार की सुध ली जाए और उनके सर्वाइवल के लिए हरसंभव वित्तीय सहायता व पेंशन की व्यवस्था तुरंत की जाए।
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