चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसे में नया विवाद आया सामने: मृतक के परिजनों ने लगाया सबूत मिटाने का आरोप, घटनास्थल सील करने की मांग – Chandigarh News

चंडीगढ़ बिल्डिंग हादसे में नया विवाद आया सामने:  मृतक के परिजनों ने लगाया सबूत मिटाने का आरोप, घटनास्थल सील करने की मांग – Chandigarh News




चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम दो मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत के मामले में नया विवाद सामने आया है। हादसे में जान गंवाने वाले तरुण जैन के परिजनों ने भवन मालिक पर प्रशासन और पुलिस की अनुमति के बिना मलबा हटाने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि ऐसा होने से हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं और जांच प्रभावित होगी। ‘बिना अनुमति मलबा हटाया गया तो जांच प्रभावित होगी’ मृतक तरुण जैन के चचेरे भाई अंशुल जैन ने बताया कि परिवार अभी अंतिम संस्कार और अन्य रस्मों में व्यस्त है। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि भवन मालिक घटनास्थल से मलबा हटाने की तैयारी कर रहा है। उनका आरोप है कि इसके लिए न तो प्रशासन और न ही पुलिस से कोई अनुमति ली गई है। अंशुल जैन का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद मलबा, टूटी दीवारें और अन्य निर्माण सामग्री हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। यदि इन्हें जल्दबाजी में हटाया गया तो निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। घटनास्थल सील करने की मांग पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जांच पूरी होने तक घटनास्थल को तुरंत सील किया जाए और वहां पुलिस सुरक्षा तैनात की जाए। परिवार का कहना है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई जाए ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके। परिजनों ने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से कोई तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो तो केवल रास्ते में रखी तीन कुर्सियां हटाई जा सकती हैं। इसके अलावा मलबा हटाने या इमारत को तोड़ने जैसी कोई भी कार्रवाई प्रशासन और पुलिस की अनुमति के बिना नहीं होनी चाहिए। शनिवार को हुआ था हादसा शनिवार शाम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित निर्माणाधीन दो मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के समय सात लोग मलबे में दब गए थे। राहत एवं बचाव टीम ने पांच मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जबकि तरुण जैन और तरुण कौशिक करीब साढ़े पांच घंटे तक मलबे में फंसे रहे। दोनों को बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। जांच पहले से जारी मामले में पंजाब एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग पहले ही स्वतः संज्ञान लेकर चंडीगढ़ प्रशासन से रिपोर्ट मांग चुका है। वहीं जिला प्रशासन ने भी हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।



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