गोल्डन टेंपल पहुंचे चिराग पासवान: पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा- विपक्ष जंतर-मंतर आंदोलन की आड़ में सेक रहा राजनीतिक रोटियां – Amritsar News
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान आज अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में मत्था टेककर देश और दुनिया की खुशहाली तथा सरबत के भले की अरदास की। इस अवसर पर उन्होने सम्मान स्वरूप पगड़ी भी सजाई गई। गुरु घर से मिलती है आत्मिक शक्ति : चिराग पासवान मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि जब भी वह गोल्डन टेंपल में मत्था टेकने आते हैं, उन्हें एक अलग ही ऊर्जा और आत्मिक शक्ति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस समय देश और समाज की परिस्थितियों को देखते हुए पहले से अधिक शक्ति की आवश्यकता है और यही प्रार्थना लेकर वह गुरु घर पहुंचे हैं। पंजाब में संगठन विस्तार और विकास की राजनीति पर जोर चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान उनके आदर्श और नेता हैं। उन्होंने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी पूरे देश में अपने संगठन का विस्तार कर रही है और पंजाब में भी नई सोच के साथ लोगों के बीच जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को वर्षों से उसका उचित हक नहीं मिला। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे जैसे गंभीर मुद्दों में उलझाकर रखा गया है, जबकि उनकी पार्टी केवल विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की राजनीति करना चाहती है। संवाद से ही निकलेगा हर समस्या का समाधान जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान केवल प्रदर्शन से नहीं, बल्कि सरकार के साथ बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने माना कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है।
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