गुरुग्राम की बिजली सप्लाई करेंगे अडानी: ग्रांट ऑफ लाइसेंस के लिए अप्लाई किया; HREC की हियरिंग पूरी, 70% लोग प्राइवेटाइजेशन के पक्ष में – Chandigarh News

गुरुग्राम की बिजली सप्लाई करेंगे अडानी:  ग्रांट ऑफ लाइसेंस के लिए अप्लाई किया; HREC की हियरिंग पूरी, 70% लोग प्राइवेटाइजेशन के पक्ष में – Chandigarh News




हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की बड़ी एंट्री का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। अडानी समूह की बिजली वितरण कंपनी ने गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए ग्रांट ऑफ लाइसेंस की औपचारिक याचिका दायर कर दी है। यह आवेदन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा-14 और प्रोसीजर फॉर ग्रांट ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस रेगुलेशंस-2015 के तहत हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में दाखिल किया गया है। सुनवाई के दौरान आयोग के सामने आए फीडबैक में करीब 70% लोगों ने निजी क्षेत्र की कंपनी के जरिए बिजली वितरण का समर्थन किया है। साथ ही एक और कंपनी इलेवन की ओर से बताया गया कि उनकी भी इस प्रोजेक्ट में गुरुग्राम और नूंह में 4,716.73 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। अब अंतिम फैसला आयोग को लेना है। बता दें कि गौतम अदानी की प्रमुख बिजली वितरण और पारेषण कंपनी का नाम अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड है। इसके अलावा, मुंबई में बिजली वितरण का कार्य उनकी सहायक कंपनी अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड द्वारा किया जाता है। अडानी और दूसरी कंपनी की ओर से इस तरह रखा गया पक्ष क्या कहते है लाइसेंस के नियम और क्या पड़ेगा असर, 2 पॉइंट में जानिए… विरोध भी शुरू हुआ, इनेलो नेता ने सरकार को घेरा संपत सिंह ने भी किया दावा हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो नेता संपत सिंह ने बताया कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) की पब्लिक हियरिंग में शामिल हुआ था। मैंने अपने पक्ष आयोग के समक्ष रख दिया है। सरकार हरियाणा के बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एट्रीं करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े उद्योगपति गौतम शांतिलाल अडानी की कंपनी ने भी गुरुग्राम में बिजली सप्लाई के लिए अप्लाई किया है। हम इसका विरोध करेंगे। क्या बोले एसोसिएशन पदाधिकारी हरियाणा इंजीनियरिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार कुंडू ने बताया कि हमें इसका नोटिस अभी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आज आयोग की हियरिंग में हमारी ओर से बिजली सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री का विरोध किया गया है। आगे भी हम इसका विरोध करेंगे।



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