गुरदासपुर में स्कूल बस पलटी, 27 बच्चे बाल-बाल बचे: ध्यानपुर के पास संगतुवाल गांव में हादसा; सड़क किनारे गीली मिट्टी से धंसी जमीन – Batala News
डेरा बाबा नानक जिले के ऐतिहासिक शहर ध्यानपुर के पास संगतुवाल गांव में आज उस समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्कूली बच्चों को ले जा रही एक बस सड़क किनारे की मिट्टी धंसने के कारण असंतुलित होकर पलट गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में बस में सवार सभी 27 बच्चे और बस ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित हैं। जानकारी के मुताबिक बस सड़क से गुजर रही थी कि सामने से आ रहे किसी अन्य वाहन को जगह देने (साइड देने) के लिए ड्राइवर ने बस को सड़क के बिल्कुल किनारे कच्चे में थोड़ा सा दबाया। हाल ही में हुई बारिश के कारण सड़क का किनारा काफी गीला और कमजोर था। जैसे ही बस का पहिया किनारे पर गया, गीली मिट्टी तुरंत धंस गई और बस नीचे की ओर झुकते हुए असंतुलित होकर पलट गई। गीली मिट्टी में धंसी बस: प्रत्यक्षदर्शी प्रत्यक्षदर्शी मनदीप सिंह ने बताया कि सड़क के साथ मिट्टी की बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं है। ड्राइवर ने तो बस साइड देने के लिए गाड़ी को किनारे किया था, लेकिन बारिश के कारण गीली हुई मिट्टी धंस गई और गाड़ी नीचे चली गई। यह तो गुरु रामदास जी की कृपा है कि सभी बच्चे और ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बदहाल सड़कें और प्रशासन की लापरवाही स्थानीय लोगों में सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस सिंगल रोड पर इस तरह का खतरा बना हो। सड़क के किनारों पर मिट्टी का सही भराव न होने के कारण यहाँ दो गाड़ियों का आपस में क्रॉस होना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता है। सड़क की हालत सुधारे प्रशासन स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए मांग की है कि ग्रामीण इलाकों की इन सिंगल सड़कों की हालत तुरंत सुधारी जाए। सड़कों के किनारों (बर्म्स) पर मजबूत मिट्टी का भराव किया जाए ताकि गाड़ियां सुरक्षित रूप से एक-दूसरे को क्रॉस कर सकें। इसके अलावा, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना के बाद मौके पर किसी पुलिस अधिकारी के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दूसरी बस का इंतज़ाम किया और सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर भिजवाने की व्यवस्था की। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों और लोक निर्माण विभाग की पोल खोलकर रख दी है। अगर समय रहते सड़कों के किनारों की सुध न ली गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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