गर्मी और उमस ने बढ़ाए जनेऊ बीमारी के मरीज – Jalandhar News

गर्मी और उमस ने बढ़ाए जनेऊ बीमारी के मरीज – Jalandhar News




कपिल कुमार | जालंधर भीषण गर्मी और उमस के कारण इन दिनों सिविल अस्पताल की चर्म रोग ओपीडी में जनेऊ (हर्पीज जोस्टर) बीमारी के मरीज अचानक बढ़ गए हैं। स्किन की ओपीडी में रोज 10 से 12 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजस्वनी के मुताबिक, यह बीमारी त्वचा पर पानी से भरे छोटे-छोटे दानों के रूप में एक लाइन या पट्टी की तरह उभरती है, इसलिए इसे जनेऊ कहा जाता है। लोग अक्सर इसके इलाज के लिए जादू-टोने या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं, जो बिल्कुल गलत और खतरनाक है। इसका तुरंत डॉक्टरी इलाज जरूरी है। यह बीमारी वेरिसेला जोस्टर वायरस से होती है, जिससे बचपन में चिकनपॉक्स होता है। ठीक होने के बाद भी यह वायरस शरीर की नसों में सोया रहता है, जो गर्मी में इन कारणों से दोबारा जाग जाता है। . लू और उमस के कारण शारीरिक तनाव, नींद की कमी और खान-पान में गड़बड़ी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और वायरस एक्टिव हो जाता है। . पानी की भारी कमी से नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और वायरस को हमला करने का मौका मिलता है। . शरीर के किसी एक हिस्से (छाती, पेट, पीठ या चेहरे) पर तेज जलन, असहनीय दर्द होना और 2-3 दिन बाद वहां पानी से भरे लाल फफोले निकल आना। साथ ही हल्का बुखार और कमजोरी होना। इम्युनिटी मजबूत रखें : संतुलित आहार लें। मौसमी फल (तरबूज, खरबूजा), हरी सब्जियां और विटामिन-सी (नींबू, संतरा) खाएं। 7-8 घंटे की गहरी नींद लें . पानी की कमी न होने दें : दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीएं। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी या ओआरएस का घोल लेते रहें। . धूप और लू से बचें : दोपहर 11 से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। जरूरी होने पर पूरे शरीर को सूती और ढीले कपड़ों से ढककर ही निक



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