खान फार्म की जमीन को लेकर दो पक्षों में तनाव: प्रियंका वाड्रा की जेठानी ने बताया अपनी वैध संपत्ति, विधायक ने दी आत्मदाह की चेतावनी – Udham Singh Nagar (Rudrapur) News
ऊधम सिंह नगर के किच्छा में स्थित खान फार्म की जमीन को लेकर दो दावेदार सामने आए हैं। बुधवार को जमीन पर कब्जे को लेकर तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता खान फार्म पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली नहीं बदली तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मामले में लापरवाही बरती जा रही है। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत कर रहा है और दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहा है। जबरन कब्जा करने का आरोप
किच्छा के पिपलिया मोड़ स्थित खान फार्म को लेकर विवाद जमीन के स्वामित्व और कब्जे का है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायर वाड्रा का दावा है कि यह फार्म उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर उनकी वैध संपत्ति है। उनका आरोप है कि नसरिन सांगा ने फार्म पर काम कर रहे मजदूरों को हटाकर जबरन कब्जा कर लिया, जिसके बाद मामला विवाद का रूप ले गया। दूसरे पक्ष ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, फार्म के अंदर मौजूद नसरिन सांगा ने सायर वाड्रा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने भी इस संपत्ति पर अपना दावा जताया है। दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों और दावों के आधार पर स्वामित्व का दावा कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने किसी भी पक्ष के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने दिया है स्टे ऑर्डर
सायर वाड्रा ने कहा कि 2021 में मिसेज खान की डेथ हो गई थी। मैं उनकी सिस्टर इन लॉ की बेटी हूं। उन्होंने मुझे अपनी प्रॉपर्टी विल कर दी थी। जो कि रजिस्टर्ड विल है। उसी समय से हम लोग उस प्रॉपर्टी की देखभाल कर रहे हैं। नसरीन सांगा ने उस विल को कोर्ट में चैलेंज किया था। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने हमारे फेवर में स्टे ऑर्डर किया हुआ है। आज पुलिस से साठगांठ करके वो लोग अंदर घुस गए। उन्होंने हमारी लेबर को मारा-पीटा, उनका सामान बाहर फेंका और उनके मोबाइल भी छीन लिए। पुलिस ने हमको बाहर रोक दिया और उनको अंदर पूरा प्रोटेक्शन दिया है। इस समय भी वो लोग अंदर ही बैठे हुए हैं। पुलिस उन्हें बाहर नहीं निकाल रही है, जबकि हमारे पास कोर्ट का स्टे ऑर्डर है। पुलिस का कहना है कि आप कोर्ट जाइए। पुलिस ने अवैध कब्जा करने वालों को अंदर बिठाया है। हमारी गाड़ियां और मजदूरों को बाहर निकाल दिया है। पुलिस इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सायर वाड्रा के समर्थन में पहुंचे विधायक
किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि ये मिसेज खान का फार्म होता था। मिसेज खान की मौत से पहले उनकी सेवा सायर वाड्रा कर रही थीं। इनका रिश्ता बुआ-भतीजी का था। उन्होंने मरने से पहले एक रजिस्टर्ड वसीयत भी कर दी कि मेरी जमीन ये देखेंगी। जब वसीयत हो गई तो अचानक उनकी बहन नसरीन सांगा सामने आ गईं। कोर्ट से भी सायर वाड्रा ने निषेधाज्ञा लागू करा रखी है कि इसके अंदर कोई नहीं घुसेगा। सिविल जज कोर्ट से भी स्टे है। आज अचानक उन सारी चीजों को धक्का मारते हुए पुलिस प्रशासन की सहमति से नसरीन सांगा कुछ स्थानीय लोगों को लेकर अंदर बैठ गई हैं। प्रशासन पर लगाया मिलीभगत का आरोप
विधायक ने कहा कि उन्होंने मजदूरों को बाहर निकाल दिया। इसमें पूरी मिली भगत प्रशासन की है। करोड़ों रुपए की जमीन के लिए ये बेईमान हो गए हैं। प्रशासन भी उसी के साथ जुड़ गया है। नीचे से ऊपर तक जमीनों की लूट हो रही है। हमने कहा कि खाली मजदूरों को अंदर रहने दीजिए। जब कोर्ट से डिसीजन आ जाएगा, कोर्ट में केस चल रहा है तब अंदर चले जाएंगे। उनको अंदर भी पुलिस प्रोटेक्शन दे रखा है और बाहर भी गेट बंद कर रखा है। आत्मदाह की दी चेतावनी
विधायक ने कहा कि खुद सायर वाड्रा ने कोर्ट से सारे ड्राक्यूमेंट प्रशासन को दिए, लेकिन कोर्ट का स्टे और कोतवाली में भी FIR दर्ज कराने के बाद भी ताले तोड़ के अंदर घुस गए हैं। इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार ने इस प्रदेश की जमीनों को लूटने का काम किया है। मैं मजबूरी में एक जनप्रतिनिधि होने के नाते आत्मदाह करने जा रहा हूं।
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