कर्मचारियों का अल्टीमेटम-बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का फैसला लागू न हुआ तो उग्र होगा आंदोलन – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के नोडल शिकायत केंद्रों, सुविधा केंद्रों, मीटर लैब और स्टोरों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को माल मंडी स्थित बिजली बोर्ड दफ्तर में पंजाब सरकार और बिजली मंत्री के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और पीएसपीसीएल प्रबंधन ने उन्हें विभाग के अधीन ठेके पर लेने के संबंध में बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन हर बार वादाखिलाफी की गई। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और अब संघर्ष को और तेज करने की चेतावनी दी गई है। कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले 16 वर्षों से करीब 12 हजार मासिक वेतन पर पीएसपीसीएल की महत्वपूर्ण सेवाएं निभा रहे हैं। उनका कहना है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को विभाग के अधीन ठेके पर लेने का फैसला किया था, लेकिन आज तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 24 मई 2026 को खन्ना में बिजली मंत्री के साथ हुई बैठक में 15 जून तक लिखित रूप में समाधान का भरोसा दिया गया था, लेकिन तय समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में 20 जून से पटियाला में दिन-रात धरना शुरू किया गया, जो लगातार 22 दिन तक चला। बाद में 7 जुलाई को 12 से 15 जुलाई के बीच सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया, लेकिन इस बार भी सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। कर्मचारियों के अनुसार, सरकार को लिखित अल्टीमेटम देने के बाद 22 जुलाई की रात से पूरे प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी फिर से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि सरकार और प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसले को लागू कर सभी पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को पीएसपीसीएल के अधीन ठेके पर नहीं लिया, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक तथा उग्र बनाया जाएगा। प्रदर्शन में विशाल शर्मा, मनीष, भुवन भारद्वाज, गुरलाल सिंह, अमित कुमार, मनतेज सिंह और मनप्रीत सिंह सहित एनसीसी, सीआरसी, मीटर लैब व स्टोरों से जुड़े बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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