अबोहर में वसीका नवीस आत्महत्या मामले में नया मोड़: सुसाइड नोट में 3 लोगों पर प्रताड़ना व धमकाने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज – Abohar News

अबोहर में वसीका नवीस आत्महत्या मामले में नया मोड़:  सुसाइड नोट में 3 लोगों पर प्रताड़ना व धमकाने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज – Abohar News




फाजिल्का के अबोहर न्यायालय परिसर में कार्यरत वसीका नवीस संदीप कुमार (42) की आत्महत्या के मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। करीब दो महीने पहले नहर में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाले संदीप के मामले में श्रीगंगानगर की अदालत के हस्तक्षेप के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों का कहना है कि संदीप इन तीनों आरोपितों के कथित दबाव, अवैध पैसों की मांग और लगातार मिल रही धमकियों के कारण गहरे मानसिक तनाव में था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार उसने खौफनाक कदम उठा लिया। श्रीगंगानगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 के सख्त आदेश पर हिन्दुमलकोट थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 23 मई को नहर से बरामद हुआ था शव, मिला था सुसाइड नोट मृतक के भाई सुभाष चंद्र ने बताया कि गांव सुखचैन के रहने वाले संदीप कुमार अबोहर कोर्ट परिसर में वसीका नवीस (डीड राइटर) के तौर पर काम करते थे। 23 मई 2026 की सुबह परिवार को बेहद दुखद सूचना मिली कि संदीप ने शिवपुर फतूही (श्रीगंगानगर) के पास स्थित लक्ष्मी नारायण गंग कैनाल (नहर) में कूदकर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल पर छानबीन के दौरान पुलिस को नहर के किनारे से संदीप के जूते, मोबाइल फोन और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसके अगले दिन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने नहर से संदीप का शव बरामद किया था। सुभाष चंद्र के अनुसार, संदीप कुमार ने मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में तीन व्यक्तियों पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, जान से मारने की धमकियां देने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए थे।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, तो कोर्ट की शरण में पहुंचा परिवार परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद शुरुआती स्तर पर पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई या मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2, श्रीगंगानगर की अदालत का दरवाजा खटखटाया और धारा 175(3) BNSS के तहत इस्तगासा (याचिका) दायर किया। मामले की गंभीरता और सुसाइड नोट के साक्ष्यों को देखते हुए माननीय न्यायालय ने हिन्दुमलकोट थाना पुलिस को तुरंत सर्वजीत सिंह उर्फ विक्की, रमेश कुमार उर्फ मेशी और पूर्व सरपंच ओम प्रकाश के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश जारी किया। कोर्ट के डंडे के बाद हरकत में आई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की तफ्तीश में जुट गई है।



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