अकाली नेता चीमा पर फायरिंग केस झूठा, खुद रची सजिश: खन्ना पुलिस ने किया खुलासा, रंगदारी व धोखाधड़ी के आरोप; गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार – Khanna News
खन्ना पुलिस ने ‘वारिस पंजाब दे’ के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह चीमा और उसके साथी लाडी राठौर (निवासी लुधियाना) के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी और पुलिस को गुमराह कर झूठी शिकायत दर्ज करवाने के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाडी राठौर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी जसवंत सिंह चीमा गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। क्या था पूरा मामला और कथित फायरिंग की कहानी? एसएसपी (SSP) डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने खुलासा करते हुए बताया कि यह घटनाक्रम जसवंत सिंह चीमा द्वारा 25 जनवरी 2026 को थाना दोराहा में दर्ज कराई शिकायत से जुड़ा है। इसमें चीमा ने दावा किया था कि 24 जनवरी की रात जब वह अपनी इनोवा कार में गुरथली पुल के पास से गुजर रहा था, तब बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उसे जान से मारने की नीयत से उस पर गोलियां चलाईं। चीमा ने इस कथित हमले के लिए जालंधर निवासी गुनीत भाटिया और चंदन भनोट को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था।
सीसीटीवी (CCTV) और मोबाइल लोकेशन ने खोला झूठ का राज जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, तो चीमा की बनाई कहानी की परतें खुलती चली गईं। पुलिस को कथित घटनास्थल से गोलियों का कोई खोखा या अन्य वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला। आस-पास के किसी स्वतंत्र गवाह ने भी फायरिंग की आवाज सुनने की पुष्टि नहीं की।दोराहा से लुधियाना तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि घटना से ठीक पहले चीमा अपनी गाड़ी एक सुनसान रास्ते पर लेकर गया था और उस दौरान उसका मोबाइल फोन भी जानबूझकर बंद किया गया था। गवाह में निकला झूठा, वह तो मौके पर था ही नहीं कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन से साफ हुआ कि घटना के तुरंत बाद चीमा के साथ थाने पहुंचकर गवाही देने वाला लाडी राठौर उस समय मौके पर था ही नहीं, बल्कि वह लुधियाना स्थित अपने घर पर मौजूद था। पुलिस की इन तध्यों और आगे की जांच में पूरा मामला ही फर्जी निकला। साल 2018 में भी रच चुका है ऐसी ही साजिश, चुनाव की थी तैयारी एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि जसवंत सिंह चीमा आदतन इस तरह की साजिशें रचता है। वर्ष 2018 में भी उसने लुधियाना के थाना सलेम टाबरी में ठीक इसी तरह खुद पर फायरिंग का एक फर्जी मामला दर्ज करवाया था, जो कि एक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चीमा आगामी विधानसभा चुनावों में साहनेवाल सीट से चुनाव लड़ने की जमीन तैयार कर रहा था और शायद इसी कारण उसने सुरक्षा हासिल करने या विरोधियों को फंसाने के लिए यह पूरी रंजिश और झूठी कहानी रची। फिलहाल खन्ना पुलिस आरोपी चीमा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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