पंजाबी मूल की 20 वर्षीय सुहाना गिल ने कनाडा में इतिहास रचा है। सुहाना गिल ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के 'मिनी पंजाब' कहे जाने वाले सरे शहर के अब तक के इतिहास में सबसे कम उम्र की सिटी कौंसिलर (शहर पार्षद) बन गई हैं।

2 नवंबर को उन्होंने नवनिर्वाचित मेयर डग मैक्कलम के नेतृत्व वाली सरे सिटी काउंसिल के सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

सरे में पंजाबी परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी सुहाना गिल ने महज 15 वर्ष की उम्र में अपनी हाई स्कूल की शिक्षा समय से दो साल पहले ही पूरी कर ली थी। इसके पश्चात उन्होंने क्वेंटलेन पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान में दाखिला लिया और 19 वर्ष की उम्र में अपनी बैचलर डिग्री हासिल कर ली।

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यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के बीच उन्होंने 22 हजार से ज्यादा छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए 'विमेंस रिप्रेजेंटेटिव' के तौर पर भी काम किया। सुहाना ने मिस बीसी 2023 का खिताब भी अपने नाम किया है।

2000 में परिवार कनाडा में बसा सुहाना के माता-पिता मूल रूप से पंजाब के मालवा क्षेत्र से हैं। हालांकि, मालवा में उनका पैतृक ग्राम या नगर कौन-सा है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। वे वर्ष 2000 में कनाडा जाकर बस गए थे। सुहाना का जन्म कनाडा में ही हुआ और उनकी परवरिश भी वहीं हुई। सुहाना के पिता ट्रांसपोर्टर और मां गृहिणी हैं। उनका एक भाई और एक छोटी बहन भी है।

सामाजिक जुड़ाव और वकालत वे लंबे वक्त से युवा अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और लैंगिक समानता हेतु काम कर रही हैं। उन्होंने 'ब्लूअर एंड ग्रीनर' नामक यूथ इनिशिएटिव की नींव रखी, जो पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूक करता है।

पंजाबियों व नवीन परिवारों की समस्याओं को समझा रियल एस्टेट इलाका में काम करने के बीच सुहाना ने सरे में घरों की आसमान छूती दामों और पंजाब से वहां जाकर बसने वाले नए परिवारों और विद्यार्थियों की समस्याओं को बेहद लगभग से समझा।

सेफ सरे गठबंधन के बैनर तले जीतीं निर्वाचन सुहाना गिल ने 17 अक्टूबर को हुए नगर निगम चुनावों में पूर्व मेयर डग मैक्कलम के नेतृत्व वाले 'सेफ सरे गठबंधन' के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।

उनका निर्वाचन प्रचार सरे नगर की तेजी से बढ़ती आबादी से जुड़े प्राथमिक मुद्दों पर केंद्रित था। जैसे किफायती आवास, मजबूत बुनियादी ढांचा, सुरक्षित वातावरण, बेहतर सार्वजनिक परिवहन और युवाओं हेतु नवीन अवसर उनमें से मुख्य थे। सरे में भारी संख्या में मौजूद पंजाबियों और युवा वर्ग ने उनका साथ दिया।

सुहाना गिल को कुल 27,820 वोट मिले सुहाना गिल को कुल 27,820 वोट मिले। वह कुल 20.7% वोटों के साथ निर्वाचित होने वाले 8 कौंसिलर्स में पांचवें स्थान पर रहीं। निर्वाचन में मेयर और कौंसिलर्स के पदों हेतु अलग-अलग पार्टियों के 22 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से कुल 8 कौंसिलर्स को चुना जाना था।

राजनीति में आने का विचार कैसे आया? सुहाना ने पार्षद चुने जाने के पश्चात बताया कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने देखा कि सरे नगर की आबादी और जनसांख्यिकी बहुत तेजी से बदल रही है, परंतु वहां की सिटी काउंसिल में युवाओं और नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं था। वे युवाओं, छात्रों और आम कामकाजी परिवारों की समस्याओं जैसे किफायती आवास, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे प्रशासन के सामने उठाना चाहती थीं, इसीलिए उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय किया।

सुहाना बोलीं- युवाओं को सिर्फ भविष्य का वोटर न समझें निर्वाचन अभियान के बीच सुहाना गिल ने बताया था कि कनाडा और सरे नगर के विकास में पंजाबियों और युवाओं का बहुत बड़ा योगदान है। युवाओं को सिर्फ भविष्य का मतदाता मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि नगर के उन फैसलों में उनकी सीधी और सार्थक भागीदारी होनी चाहिए जो अगले कई दशकों तक उनके जीवन और भविष्य को प्रभावित करेंगे।

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Source: Dianik Bhaskar