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- Chandigarh Municipal Corporation: Property Tax Proposal For Commercial Floors
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के पश्चात अब चंडीगढ़ नगर निगम कमर्शियल बिल्डिंग के अलग-अलग फ्लोर के मालिकों को भी राहत देने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत एक ही कमर्शियल बिल्डिंग में अलग-अलग फ्लोर के मालिकों को स्वतंत्र प्रॉपर्टी आईडी देने का प्रस्ताव तैयार किया ज
अभी एक कमर्शियल बिल्डिंग की एक ही प्रॉपर्टी आईडी होती है। ऐसे में अगर किसी फ्लोर का मालिक अपना टैक्स समय पर जमा करवाना चाहता है, तो उसे पूरी बिल्डिंग के अन्य हिस्सेदारों और पुराने बकाया टैक्स की वजह से परेशानी होती है। अनेक बार दूसरे मालिकों की सहमति नहीं मिलने से भी टैक्स जमा कराने में परेशानी आती है।
समस्त हिस्सेदारों की सहमति की अंडरटेकिंग लेगा निगम
शहर निगम के स्पेशल कमिश्नर जसप्रीत सिंह सूदन के मुताबिक, कमर्शियल प्रॉपर्टीज में अलग-अलग मालिकों के बीच म्यूचुअल एग्रीमेंट होते हैं। भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए निगम समस्त हिस्सेदारों की सहमति से जुड़ी अंडरटेकिंग लेगा।
प्रस्ताव पास होने के पश्चात जो मालिक अपनी अलग प्रॉपर्टी आईडी बनवाना चाहेगा, उसे अपने हिस्से का बकाया एरियर जमा करवाना होगा। इसके बाद वह अपने हिस्से का प्रॉपर्टी टैक्स स्वतंत्र रूप से भर सकेगा।
कमर्शियल प्रॉपर्टी से निगम को मिले 37.21 करोड़
कमर्शियल प्रॉपर्टी नगर निगम की कमाई का बड़ा जरिया है। इस वर्ष अप्रैल और मई में छूट की अवधि के बीच निगम को कुल 61 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स मिला था। इसमें 37.21 करोड़ रुपये कमर्शियल और 23.79 करोड़ रुपये रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी से आए थे।
अब तक निगम का कुल प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन 70 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। निगम को अपेक्षा है कि अलग-अलग फ्लोर की स्वतंत्र प्रॉपर्टी आईडी बनने से टैक्स जमा कराने की प्रक्रिया आसान होगी और वसूली में भी तेजी आएगी।
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए 28 अक्टूबर को मिली थी राहत
नगर निगम ने 28 अक्टूबर की बैठक में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के अलग-अलग फ्लोर की स्वतंत्र आईडी बनाने के नियमों में राहत दी थी। इसके तहत अब डिवीजन प्लान पर सभी मालिकों के हस्ताक्षर जरूरी नहीं हैं। आवेदक अपने हस्ताक्षर से भी आवेदन कर सकता है।
हालांकि, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी के मामलों में समस्त हिस्सेदारों के हस्ताक्षर और सहमति की शर्त अभी बरकरार है। अब कमर्शियल प्रॉपर्टी हेतु भी अलग आईडी का प्रस्ताव लाकर इस प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी है।
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Source: Dianik Bhaskar







