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PM की सिक्किम में जनसभा आज: राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

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PM की सिक्किम में जनसभा आज:  राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे




पीएम मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। आज वो राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ₹4000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सुबह 10ः30 बजे राजधानी गंगटोक में जनसभा भी करेंगे। मोदी सोमवार को सिक्किम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस (लोक भवन) तक उन्होंने रोड शो किया। 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। तब पीएम वर्चुअली 50वें स्थापना दिवस समारोह से जुड़े थे। मंगलवार को एक साल से चल रहे समारोह का समापन होगा। पीएम के रोड शो की 3 तस्वीरें… 4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी लगभग ₹4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट शामिल हैं। 16 मई 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना 1947- भारत की आजादी के समय नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। 1967- 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन भारत को समझ आ गया था कि उत्तर पूर्वी भारत में घुसने के लिए चीन, सिक्किम के रूट पर नजर गड़ाए बैठा है। सिक्किम के राजा चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। 1973- इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ आर. एन. काओ से मदद मांगी। इसके बाद काओ ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन का नाम था- ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’। 1974- विधाससभा चुनाव के बदा काजी मुख्यमंत्री बने। उन्होंने विधानसभा में ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया, जिससे सिक्किम को भारत के एसोसिएट स्टेट का दर्जा मिला। 25 जून 1974 को चोग्याल सिक्किम का भारत से अलग राज्य का दर्जा बनाए रखने की बात करने भारत आए, लेकिन इस बातचीत से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1975- 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड सिक्किम के राजमहल पहुंची। एक सैनिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे गोली मार दी गई। नितिन ए. गोखले अपनी किताब, ‘आर. एन. काओ- जेंटलमैन स्पायमास्टर’ में बताते हैं, ’20 मिनट से भी कम समय में भारतीय सेना ने सिक्किम गार्ड्स को निशस्त्र कर दिया।’ चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को सिक्किम में एक रेफरेंडम कराया गया, इसमें सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने या न होने के लिए वोटिंग की। 97.5% यानी 59,637 लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में वोट किए जबकि सिर्फ 1,496 लोगों ने इसका विरोध किया। 26 अप्रैल को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने के लिए संसद में 36वां संविधान संशोधन बिल पास किया गया। ———————————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…



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