हिमाचल प्रदेश के बागवानों पर ओलावृष्टि कहर बनकर बरस रही है। इससे सेब की फसल तबाह हो गई है, साथ में एंटी हेल नेट, बांस और सेब के पेड़ बीच से दोफाड़ (टूट) हो गए। ओलावृष्टि से बागवानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। चिंता इस बात की है कि अगले 5 दिन भी बारिश व ओलावृष्टि से राहत के आसार नहीं है। खासकर तीन और चार मई को भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ओलावृष्टि के साथ साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का भी पूर्वानुमान है। पांच और छह मई को भी येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। हालांकि, आज और कल कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन राज्य के कई भागों में अगले 48 घंटे के दौरान भी बारिश के आसार हैं। शिमला में भी सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। बीते 24 घंटे के दौरान भी ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश हुई। सेब के पेड़ ओलावृष्टि के कारण तबाह फागू निवासी बागवान सुभाष ने बताया कि उनके बगीचे में अधिकांश सेब के पेड़ ओलावृष्टि के कारण तबाह हो गए हैं। एंटी हेल नेट फट चुके हैं। इन्हें लगाने के लिए लगाए गए बांस भी टूट गए हैं। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि के एंटी हेल नेट पर जमने से सेब के पेड़ बीच से ही फट गए हैं। जुब्बड़हट्टी में 34 मिमी बारिश शिमला के जुब्बड़हट्टी में सबसे ज्यादा 34.0 मिमी, शिमला 15.8 मिमी, कसौली 11.0मिमी, जतोन बैराग 9.4, नाहन 9.2, भटियात में 30.0 मिमी, कुफरी 25, सराहन 28.5 मिमी, सलूणी 20.2 मिमी, मनाली 14.0 मिमी, सियोबाग 6.2 मिमी, शिलारू 6.0, पंडोह 6.0 मिमी, ऊना 1 मिमी, नाहन 6 मिमी और सोलन में 3 मिमी बारिश हुई। बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना पहाड़ों पर इसके बाद मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेश में रात का पारा भी सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस नीचे गर गया है। सोलन के तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 3.2 डिग्री की गिरावट आने के बाद पारा 11.7 डिग्री रह गया है। इसी तरह अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे गिरा है। मनाली का पारा सामान्य से 6.5 डिग्री नीचे लुढ़का मनाली का अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री नीचे गिरने के बाद 16.8 डिग्री, भुंतर का पारा 6.5 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 23.4 डिग्री, ऊना का 3.4 डिग्री की गिरावट के बाद 33.4 डिग्री, मंडी का सामान्य से 4.8 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 29.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। इसी तरह, अन्य शहरों के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर अगले पांच दिनों के दौरान भी तापमान सामान्य से कम रहेगा।
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