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सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी: पिता बोले- विक्की मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में था; मयंक जेल जा चुका है – Buxar News

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सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी:  पिता बोले- विक्की मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में था; मयंक जेल जा चुका है – Buxar News




‘मेरा लड़का नाबालिग है। घर का सारा काम करता था। उसपर कोई केस नहीं है। पता कर लीजिए। उसे दोस्त ने मोबाइल से बात कर फंसा दिया। मेरे बेटे को छोड़ दिया जाए।’ नीलम देवी रोते-रोते बड़ी मुश्किल से इतना कह पाती हैं। आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं, पोंछते हुए कहती हैं, ‘वह मुंबई में काम करता था। बीमार पड़ा तो मैंने उसे घर बुला लिया था। मेरे पति को मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस उठाकर ले गई है।’ नीलम देवी विक्की मौर्य की मां हैं। विक्की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक है। दरअसल, बंगाल STF ने बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को अयोध्या से पकड़ा गया है। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चंद्रनाथ हत्याकांड में गिरफ्तार विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा कौन हैं? क्या करते हैं? परिवार के लोगों का क्या कहना है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम दोनों के घर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 2 हजार रुपए लेकर बेटा मुंबई कमाने गया था विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा दोस्त हैं। दोनों के घर बक्सर स्टेशन से ठीक पीछे पीसी कॉलेज और उसके आसपास हैं। भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विक्की मौर्य के घर पहुंचे। विक्की के पिता गौतम दवा की दुकान चलाते हैं। हमने उनसे विक्की की गिरफ्तारी को लेकर बात की। उनसे पूछा आपको कैसे पता चला कि आपके बेटे को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसपर गौतम ने कहा, ‘मेरा बेटा घर से 2000 रुपए लेकर निकला था। कहा था कि मुंबई कमाने जा रहा हूं। वहां पहुंचकर जिस कंपनी में काम करूंगा, उसकी लोकेशन भेज दूंगा। वह अपने दोस्त के साथ गया था। मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।’ आपको पुलिस ने हिरासत में रखा, क्या पूछा? इस सवाल पर गौतम ने कहा, ‘DSP साहब आए थे। मुझे और मेरे मेंटली डिस्टर्ब बेटे को साथ ले गए। कहा था कि एक घंटा के लिए चलिए। हम दोनों को 30 घंटे बैठाए रखा। बस एक ही सवाल की विक्की कहां है? पुलिस ने हमारे सभी मोबाइल फोन ने जब्त कर लिए थे।’ ‘मैंने पुलिस से कहा कि कैसे बताऊं कि विक्की कहां है। मोबाइल फोन तो आपके पास है। फोन दीजिएगा तभी न कॉल कर पूछ सकता हूं।’ मेरा बेटा 7 मई को घर से निकला था गौतम ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बंगाल के सीएम के पीए की हत्या कब हुई। मुझे तो मीडिया से पता चला कि मेरे बेटे को इस मामले में पकड़ा गया है। मेरा बेटा 6 मई को घर पर था। 7 मई की दोपहर मुंबई जाने की बात कहकर निकला था।’ हिरासत के दौरान क्या पुलिस ने मारपीट की? इस सवाल के जवाब में गौतम ने कहा, ‘नहीं, पुलिस ने मारपीट नहीं की। पुलिस पर कोई आरोप नहीं है। डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर भी बेटे को दवाई नहीं खाने दी गई। अगर उसकी दिमागी हालत और खराब हो जाएगी तो कौन जवाब देगा?’ उन्होंने कहा, ‘आज तीन दिन हो गए। मेरे घर के सभी मोबाइल फोन पुलिस के पास हैं। मैं EMI नहीं भर पा रहा हूं। पैसे का नुकसान हो रहा है। मीडिया से मयंक की गिरफ्तारी का पता चला विक्की मौर्या के माता-पिता से बात करने के बाद हम मयंक मिश्रा के घर पहुंचे। दोनों के घरों के बीच की दूरी करीब 100 मीटर है। घर पर हमें मयंक के दादा राज दयाल मिश्रा मिले। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा जितेंद्र मिश्रा अपने परिवार के साथ रांची में रहता है। वहीं पर ठेकेदारी का काम करता है। मयंक यहां आता था? इस सवाल पर राज दयाल ने कहा, ‘मयंक बक्सर बहुत कम आता था। 10 दिन पहले यहां आया था, फिर चला गया। दो दिन पहले पुलिस हमारे यहां छापेमारी करने आई थी। घर में छानबीन कर चली गई थी। आज मीडिया के माध्यम से पता चला कि बंगाल की किसी घटना में उसे गिरफ्तार किया गया है। हमलोगों को पता है कि मयंक रांची में कंप्यूटर सीखकर कुछ काम करता है।’ पश्चिम बंगाल से बिहार कैसे पहुंची बंगाल STF पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ हत्या करने के बाद शूटर दूसरे कार से भागे थे। वहां से जब सिल्वर कार से हावड़ा के बाली टोल प्लाजा के पास पहुंचे तो शूटरों ने टॉल टैक्स का भुगतान UPI से किया था। बंगाल पुलिस शूटरों के तलाश में जुटी थी। टॉल प्लाजा में UPI से पेमेंट करने पर संदिग्ध का मोबाइल नंबर मिला। उसके बाद जांच बढ़ी तब पता चला कि इसमें बक्सर और यूपी के शूटर भी थे। फिर बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस और यूपी पुलिस को सूचना दी। बंगाल STF की टीम ने रविवार रात बक्सर के तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल ले गई। 6 मई को हुई सुवेंद्र अधिकारी के PA की हत्या बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। इसमें उनके ड्राइवर भी घायल हो गए थे। हालांकि, जांच में अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि चंद्रनाथ की हत्या राजनीति से प्रेरित थी या फिर कोई और वजह थी। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी साजिश में एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह शामिल है। बिहार के कुछ कुख्यात गिरोहों से भी संपर्क की संभावना की जांच की जा रही है। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और वाहन की तस्वीरों से मैच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने पहचान छिपाने और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। हत्या के बाद लाल रंग की कार से भागे थे आरोपी कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ की स्कोर्पियो को सिल्वर रंग की निसान माइक्रा कार से रोका गया था। इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की। हत्या के बाद आरोपी माइक्रा कार घटनास्थल पर छोड़कर लाल रंग की कार और बाइक से फरार हो गए। CCTV में यही लाल कार टोल प्लाजा पर स्पॉट हुई। पुलिस अब हत्या की साजिश, फंडिंग और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। तीनों आरोपियों को आज बारासात कोर्ट में पेश करेगी। हमलावरों की कार-बाइक जब्त, नंबर फर्जी निकली बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उसपर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। 30-40 लाख में दी गई सुपारी
सूत्रों की माने तो चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए 40 से 50 लाख की सुपारी दी गई थी। बिहार-यूपी के शूटर ट्रेन से पहले धनबाद गए थे, फिर वहां से कार से बंगाल गए। कार और बाइक से मौके पर पहुंचे। फिर ट्रेन से सभी बक्सर आए और फिर सभी अपने अपने ठिकाने पर भाग गए। धनबाद में भी पुलिस की छापेमारी हुई है।
सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है।



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