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कर्नाटक में नतीजों से तय होगा डिप्टी CM शिवकुमार का भविष्य
कर्नाटक के बागलकोट और दावणगेरे साउथ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता के बड़े टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है।।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन पार्टी संगठन को संभालने और संकट के समय डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी काफी हद तक डीके शिवकुमार पर रही है। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि पार्टी के भीतर उनकी स्थिति कितनी मजबूत है।
इन नतीजों से सरकार पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान के कारण इन पर खास नजर बनी हुई है। ये उपचुनाव कांग्रेस विधायकों शमनूर शिवशंकरप्पा और एचवाई मेटी के निधन के बाद कराए गए थे।
कांग्रेस ने दोनों सीटों पर पूर्व विधायकों के परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बनाया हैं। दावणगेरे साउथ से समरथ मल्लिकार्जुन और बागलकोट से उमेश मेटी मैदान में हैं। वहीं बीजेपी ने दावणगेरे साउथ से श्रीनिवास टी दासकारीयप्पा और बागलकोट से वरिष्ठ नेता वीरन्ना चरंटीमठ को मैदान में उतारा है।




