Home Bharat मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई: मुस्लिम...

मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई: मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

1
0
मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:  मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस


नई दिल्ली4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सबरीमाला पर बहस 22 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। अब मुस्लिम धर्म में महिलाओं से जुड़े रीति-रिवाजों पर बहस जारी है।

23 अप्रैल को पिछली सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट से कहा था कि इस्लाम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद आने से नहीं रोकता है, लेकिन यह बेहतर है कि वे घर पर ही इबादत करें। उधर मुस्लिम महिलाओं में एफजीएम (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) यानि खतना से जुड़ी प्रथा पर भी बहस होगी।

7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही

सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक सुनवाई हुई

सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए…

7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत

8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा

9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा

15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता

17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी

21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं

22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं

.

लाइव अपडेट्स

8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केरलम के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का एंट्री विवाद



    Source link

      Previous articleIndonesian police charge 13 in daycare abuse scandal
      Next articleसुप्रीम कोर्ट में वकील बोले- मस्जिद सभी के लिए खुली: इसका मतलब वहां पूजा नहीं कर सकते; ऐसी कई बातें जो कुरान में नहीं लिखीं

      Leave a Reply