भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे सेलिब्रेशन भी किए जा सकेंगे। इसके लिए लोगों को एक घंटे के 5 से 7 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ेंगे। 15 दिन पहले बुकिंग भी करानी होगी। नियम और टाइमिंग दोनों का ध्यान रखना होगा। सेलिब्रेशन में न तो शराब ले जा सकेंगे और न ही बीड़ी-सिगरेट। पटाखे ले जाने पर भी मनाही है। मेट्रो में प्रवेश से पहले स्टेशन पर चेकिंग की जाएगी। इस सुविधा की शुरुआत 5 मई से ही कर दी गई है। बता दें कि भोपाल में मेट्रो का उद्घाटन पिछले साल 20 दिसंबर को हुआ था। इसे 21 दिसंबर से आम लोगों के लिए खोला गया था। वहीं, इंदौर में 31 मई 2025 से मेट्रो ट्रैक पर दौड़ने लगी थी। मेट्रो का रोज का खर्च 8 लाख रुपए शुरुआत में अच्छी संख्या में लोग मेट्रो का सफर करने पहुंचे लेकिन अब पैसेंजर की संख्या बहुत घट गई है। भोपाल में स्थिति यह है कि एक दिन में 100 यात्री भी सफर नहीं करते, जबकि इसका हर रोज का खर्च 8 लाख रुपए तक है। यही कारण है कि अब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ की शुरुआत की है। बर्थ-डे हो या प्री-वेडिंग, फिल्म की शूटिंग और इवेंट्स, मेट्रो अब नया डेस्टिनेशन बनेगा। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में चल रही मेट्रो में ये सुविधा लागू है। लोगों को मेट्रो के करीब लाने का प्रयास मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने कहा- सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स पहल भोपाल और इंदौर की जीवंत संस्कृति, तेजी से बढ़ते शहरी परिवेश और नागरिकों की बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यह पहल मेट्रो को आम जनता के और करीब लाने का एक प्रयास है। जिससे लोग अपने विशेष अवसरों को मेट्रो जैसे सुरक्षित और आधुनिक वातावरण में मना सकें। इससे मेट्रो सेवाएं नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनेंगी। भोपाल-इंदौर में यहां चल रही मेट्रो भोपाल में मेट्रो करीब 6 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर दौड़ रही है। इसके 8 स्टेशन हैं। इनमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। वहीं, इंदौर में 6.3 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो का संचालन हो रहा है। गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर स्टेशन- 5, 6, 4 और 3 में मेट्रो चल रही है। ये खबर भी पढ़ें… ट्रिप घटी, टाइमिंग बदली…फिर भी भोपाल मेट्रो खाली भोपाल और इंदौर में मेट्रो को यात्रियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रिप कम करने और समय-सारिणी में बदलाव के बाद भी मेट्रो ट्रैक पर लगभग खाली ही दौड़ रही है। ऐसे में मेट्रो की स्थिति आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया जैसी हो गई है। पढ़ें पूरी खबर…
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