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- Telangana: Kavitha Launches New Party To Challenge BRS In 2028 Elections
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कविता पिता केसीआर और भाई के साथ। (फाइल फोटो)
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने पार्टी और परिवार से अलग होकर नई पार्टी बना ली है। इसका नाम टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र सेना) होगा। पिता के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) का मूल नाम टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) ही था। यानी कविता ने पिता के छोड़े गए नाम टीआरएस को ही अपनाया है।
अपनी पार्टी के नाम और एजेंडे की घोषणा करते हुए कविता ने सत्ताधारी कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस पर तीखा हमला बोला। पिता को ‘बदला हुआ इंसान’ और ‘आत्माहीन’ बताया। कविता ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी इसलिए बनाई क्योंकि उनके पिता लोगों के मुद्दों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। कविता ने कहा कि उनकी पार्टी 2028 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
पिता केसीआर ने ही पार्टी से निकाला था मालूम हो, दिल्ली आबकारी नीति मामले में नाम आने पर वे 165 दिन जेल में भी रहीं। सितंबर 2025 में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। कविता को BRS से निकालने का फैसला उनके पिता के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने ही किया था। BRS ने बयान जारी कर कहा था कि कविता की गतिविधियां पार्टी के खिलाफ थीं।

भाई KTR और कविता के बीच चल रही थी वर्चस्व की लड़ाई।
के. कविता का आरोप- भाई मुझे पार्टी से निकालना चाहते हैं
पार्टी के सुप्रीमो चंद्रशेखर राव 2023 के विधानसभा चुनाव और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर होते गए। इसके बाद उनके बेटे केटी रामाराव यानी KTR और बेटी कविता में पार्टी का लीडर बनने की लड़ाई शुरू हो गई थी। वहीं, चंद्रशेखर राव ने बेटे KTR को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, जबकि कविता भी खुद को असरदार नेता मानती हैं।
भाई-बहन के बीच की तकरार खुलकर पिछले साल 29 मई को सामने आई थी। कविता ने भाई KTR पर आरोप लगाया था कि वे मुझे पार्टी से अलग करने और BRS को BJP में मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पिता KCR को पार्टी के बारे में लेटर भी लिखा था।
कविता ने कहा था- ‘मैंने BRS चीफ के. चंद्रशेखर राव को चिट्ठी लिखकर बताया था कि पार्टी के अंदर साजिश हो रही है। उनके आसपास कुछ शैतान जैसे लोग हैं, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैं KCR की बेटी हूं। मेरी चिट्ठी लीक हो सकती है, तो बाकी लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

महिलाओं में पैठ ही गेम चेंजर कविता ने सियासत में कदम रखने के साथ 2008 में ‘तेलंगाना जागृति’ संगठन बनाया था। यह सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। इसकी स्थापना तो राज्य के गठन की मांग को मजबूत करने के लिए की गई थी, लेकिन इसके जरिये कविता ने राज्यभर की महिलाओं तक गहरी पैठ बना ली।
इस संगठन का कैडर राज्य के हर जिले और ब्लॉक में है। संगठन से एक लाख से अधिक तो प्रोफेशनल महिलाएं ही जुड़ी हैं। इसके जरिये कविता ने महिलाओं और सांस्कृतिक समूहों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।
माना जा रहा है कि कविता अपनी पार्टी के लिए मजबूत जमीनी ढांचे का निर्माण इसी संगठन से करेंगी। संगठन की खास बात यह रही कि इसने आंदोलन को सियासी मुद्दा नहीं रहने दिया, बल्कि जन-आंदोलन में बदल दिया। लोक संस्कृति, खासकर बथुकम्मा जैसे त्योहारों को बड़े स्तर पर मनाकर लोगों को जोड़ा। सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां और जागरूकता अभियान चलाए, जिससे आम जनता की भागीदारी बढ़ी।

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