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ओरछा में हवाई ‘उड़ान’…4.30 घंटे में दर्शन कर भोपाल लौटें: 500 फीट की ऊंचाई पर जॉय राइड भी; हेलिकॉप्टर से 1.10 घंटे में पहुंचें चंदेरी – Bhopal News

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ओरछा में हवाई ‘उड़ान’…4.30 घंटे में दर्शन कर भोपाल लौटें:  500 फीट की ऊंचाई पर जॉय राइड भी; हेलिकॉप्टर से 1.10 घंटे में पहुंचें चंदेरी – Bhopal News




मध्य प्रदेश के ओरछा में राजा राम के दरबार में अब आप सिर्फ डेढ़ घंटे में ही पहुंच सकते हैं। हेली पर्यटन सेवा के जरिए भोपाल से ओरछा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। हर रोज सुबह 9.30 बजे हेलिकॉप्टर ओरछा के लिए उड़ान भरता है और दोपहर 2 बजे वापस लौट आता है। यानी, सिर्फ साढ़े 4 घंटे में राजा राम के दर्शन कर भोपाल लौटा जा सकता है। चंदेरी में जॉय राइड करके उसे निहार भी सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 अप्रैल से ओरछा और चंदेरी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की है। दोनों टूरिस्ट और धार्मिक स्पॉट को लोग 3 हजार फीट की ऊंचाई से देख सकते हैं। वहीं, 500 फीट की ऊंचाई पर जॉय राइड भी कर सकते हैं। भास्कर ने इतनी ऊंचाई से दोनों शहरों को कैमरे में कैद किया। ओरछा में राजा राम का दरबार हो या चंदेरी की इमारतों का हजारों साल पुराना इतिहास, ऊंचाई से लोग हेलिकॉप्टर से उन्हें निहारने के लिए राइड भी कर रहे हैं। पिछले 2 दिन में कई लोग राइड कर चुके हैं। बुंदेलखंड की अयोध्या है ‘ओरछा’
ओरछा, बुंदेलखंड की अयोध्या मानी जाती है। यहां दीवार पर दोहा लिखा है– रामराजा सरकार के दो निवास हैं, ‘खास दिवस ओरछा रहते हैं, शयन अयोध्या वास’। यानी भगवान राम दिन में राजा के रूप में रहते हैं। शयन के लिए रोजाना अयोध्या जाते हैं। इसका भी प्रोटोकॉल होता है। उन्हें बकायदा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाता है। दिवाली पर श्री रामराजा दरबार को रोशनी और फूलों से सजाया जाता है। दीपोत्सव के दूसरे दिन राजराजा सरकार के दरबार में आसपास के गांवों की टोलियां मौनिया नृत्य करती हैं। नृत्य के लिए बुंदेलखंड के पन्ना, छतरपुर, दमोह समेत उत्तर प्रदेश के झांसी, राठ, हमीरपुर, बांदा से मौनियों की टोलियां आती हैं। टोलियों में अंग्रेज टूरिस्ट भी शामिल होते हैं। ‘फिल्म सिटी’ भी अब पहचान…स्त्री की शूटिंग यहीं हुई
अशोकनगर जिले का एक छोटा सा शहर चंदेरी है। चंदेरी साड़ी, यहां के इतिहास के साथ अब चंदेरी फिल्म शूटिंग से भी पहचाना जाने लगा है। स्त्री जैसी बड़े स्टॉरकास्ट वाली फिल्मों की शूटिंग भी यहीं पर हुई है। पर्यटन नगरी चंदेरी का राजा मेदनी राय एवं रानी मणिमाला के किस्सों से जुड़ा हुआ है। यह किला अपने अंदर महाभारत के किस्सों के इतिहास को भी समेटे हुए हैं। महाभारत काल के दौरान चंदेरी नगरी को राजा शिशुपाल की नगरी के नाम से जाना जाता था। कई राजा रहे अंतिम समय में वहां पर राजा मेदनी राय एवं रानी मणिमाला अपनी यादें छोड़ गए हैं। बैजू बावरा भी चंदेरी नगरी से तालुक रखते हैं। पिछले कुछ साल से यहां पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई हैं। यही वजह है कि सरकार ने इसे पर्यटन हेली सेवा से भी जोड़ा है। इतनी रुपए चुकाकर पहुंचे
भोपाल से ओरछा जाने के लिए 6500 हजार रुपए किराया देना होगा। वहीं, चंदेरी के 5500 रुपए चुकाने होंगे। ये पूरा शेड्यूल… ऐसे कर सकेंगे बुकिंग
पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा में पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। गंतव्य पर होटल, भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था भी पूर्व निर्धारित रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक www.flyola.in और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। सप्ताह में 5 दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर
सेक्टर-2 अंतर्गत यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) संचालित होगी। यात्रियों के लिए भोपाल से चंदेरी का किराया 5500 रुपए और भोपाल से ओरछा का किराया 6500 रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 14 हजार 500 रुपए के विशेष पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी ‘एंड-टू-एंड’ सुविधाएं भी शामिल हैं। चंदेरी और ओरछा में पर्यटकों के लिए 3500 रुपए में ‘जॉय राइड’ की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह नया सेक्टर भोपाल को भगवान श्रीराम की राजनगरी ओरछा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध चंदेरी से जोड़ेगी। इससे श्रद्धालु श्रीरामराजा मंदिर में सुगमता से दर्शन के लिये पहुंच सकेंगे। वहीं, चंदेरी की सांस्कृतिक विरासत व प्रसिद्ध हस्तशिल्प (चंदेरी साड़ी) का अनुभव ले सकेंगे। 1 नवंबर 2025 को हुई थी शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 के अवसर पर पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्डलाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच संचालित है। इस सेवा का अब तक 2 हजार 648 पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने लाभ लिया है।



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