NewsDesk7 Health | New Delhi: नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग और अन्य दीर्घकालिक स्थितियों के जोखिम को कम करने में प्रमुख भूमिका निभा सकती है, यह अमेरिकी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज के अनुसार है। टाइम्स ऑफ इंडिया में रिपोर्ट किए गए उनके बयानों में, भोजराज ने आंदोलन को स्वस्थ वृद्धावस्था और दीर्घकालिक रोग जोखिम को घटाने के सबसे शक्तिशाली जीवनशैली उपकरणों में से एक बताया।

तीव्र जिम वर्कआउट पर ही ध्यान केंद्रित करने के बजाय, कार्डियोलॉजिस्ट ने रोज़मर्रा की जिंदगी में अधिक चलना, एरोबिक एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को शामिल करने पर ज़ोर दिया।

हृदय स्वास्थ्य के लिए आंदोलन क्यों महत्वपूर्ण है

नियमित शारीरिक गतिविधि रक्तचाप, रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल, परिसंचरण और शरीर के वजन सहित कई कारकों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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एक अलग समीक्षा में हाल के शोध से पता चला कि उच्च-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि के छोटे-छोटे बर्स्ट भी, विशेषकर महिलाओं में, हृदय रोग के जोखिम को कम करने से जुड़े हो सकते हैं। शोधकर्ता और डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि इन निष्कर्षों में से कुछ अवलोकनात्मक हैं और इसे यह प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए कि किसी निश्चित मात्रा का व्यायाम व्यक्तिगत जोखिम को निश्चित प्रतिशत तक घटाएगा।

चलना एक सरल शुरुआत हो सकता है

जो लोग नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते, उनके लिए चलना अधिक सक्रिय होने का सुलभ तरीका हो सकता है।

हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों में उद्धृत कार्डियोलॉजिस्टों ने दैनिक चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना, साइकिल चलाना, तैराकी और जॉगिंग जैसी गतिविधियों की सिफारिश की है। व्यस्त दिन में छोटे-छोटे आंदोलन के क्षण भी कुल शारीरिक गतिविधि में योगदान दे सकते हैं।

33,000 से अधिक अपेक्षाकृत निष्क्रिय यूके बायोबैंक प्रतिभागियों को शामिल करने वाले एक हालिया शोध ने भी लंबी चलने की अवधि और कम हृदय रोग तथा मृत्यु जोखिम के बीच संबंध पाया। शोधकर्ताओं ने यह ज़ोर दिया कि ये निष्कर्ष अवलोकनात्मक हैं, अर्थात वे केवल संबंध दिखाते हैं, न कि यह सिद्ध करते हैं कि चलना अकेले जोखिम में कमी का कारण बना।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का भी महत्व है

हृदय स्वास्थ्य को समर्थन देने वाला केवल कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम नहीं है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शारीरिक फिटनेस और रक्तवाहिका कार्य में सुधार कर सकती है और एरोबिक एक्सरसाइज को पूरक कर सकती है।

एक व्यावहारिक रूटीन इस प्रकार संयोजित हो सकता है:

🚶 तेज़ चलना
🏃 जॉगिंग या अन्य एरोबिक गतिविधियाँ
🚴 साइक्लिंग
🏊 तैराकी
🏋️ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
🧘 गतिशीलता और स्ट्रेचिंग
🪜 जब उपयुक्त हो तो लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग

कितना व्यायाम आवश्यक है?

व्यक्ति के आयु, फिटनेस स्तर और मौजूदा चिकित्सीय स्थितियों के आधार पर उपयुक्त व्यायाम की मात्रा और तीव्रता बदलती है। जिन लोगों को हृदय रोग, महत्वपूर्ण जोखिम कारक या अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, उन्हें तीव्र शारीरिक गतिविधि शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य पेशेवर से उचित व्यायाम योजना पर चर्चा करनी चाहिए।

यह बात महत्वपूर्ण है कि “व्यायाम से हृदय रोग का जोखिम आधा हो जाता है” का दावा हर व्यक्ति के लिए गारंटी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हृदय रोग का जोखिम कई कारकों से प्रभावित होता है, जैसे धूम्रपान, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, आहार, वजन, आनुवंशिकता, नींद और शारीरिक गतिविधि।

मुख्य संदेश: लंबे समय तक निष्क्रियता से बचें

हालिया रिपोर्टों में उद्धृत कार्डियोलॉजिस्ट लगातार एक बुनियादी सिद्धांत पर ज़ोर देते हैं: बैठने का समय कम करना और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय होना हृदय स्वास्थ्य को समर्थन दे सकता है।

जो व्यक्ति वर्तमान में बहुत कम व्यायाम करता है, उसके लिए नियमित चलना शुरू करके धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना, तुरंत तीव्र वर्कआउट प्रोग्राम शुरू करने की तुलना में अधिक टिकाऊ हो सकता है।

मुख्य बिंदु
- नियमित आंदोलन का हृदय स्वास्थ्य से मजबूत संबंध है।
- चलना एक सुलभ एरोबिक गतिविधि है।
- छोटे-छोटे गतिविधि के क्षण भी दैनिक आंदोलन में योगदान दे सकते हैं।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एरोबिक व्यायाम को पूरक कर सकती है।
- “50%” का आंकड़ा विशिष्ट अध्ययन/दावों से आया है और सभी के लिए गारंटीकृत कमी नहीं दर्शाता।
- व्यक्तिगत व्यायाम योजनाओं को मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए।

NewsDesk7 Health नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और यह चिकित्सीय सलाह या व्यक्तिगत हृदय रोग जोखिम मूल्यांकन का विकल्प नहीं है।