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आईएएस अधिकारी कन्वल प्रीत बरर सुनटेक सिटी जांच में ईडी के समक्ष फिर से पेश होते हैं
जालंधर, 27 अगस्त 2026: पंजाब‑केडर आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत बरार ने गुरुवार को जालंधर में Enforcement Directorate (ED) के समक्ष एक और पूछताछ सत्र में भाग लिया, जो एजेंसी की चल रही मनी‑लॉन्ड्रिंग जांच के संदर्भ में है, जिसमें Suntec City और Altus Space Builders परियोजनाओं से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
जालंधर, 27 अगस्त, 2026: पंजाब‑कैडर आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत ब्रार ने जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष गुरुवार को एजेंसी की चल रही धन शोधन जांच के संबंध में सन्तेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स परियोजनाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में एक और पूछताछ सत्र के लिए उपस्थित हुईं।
ब्रार ने पहले 18 अगस्त को ED के समक्ष उपस्थित होकर कई घंटों तक पूछताछ का सामना किया था। इसके बाद एजेंसी ने एक नई summons जारी की, जिसमें उन्हें 27 अगस्त को पुनः उपस्थित होने और जांच से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज़ लाने का निर्देश दिया गया।
**ED भूमि‑उपयोग अनुमोदन प्रक्रिया की जांच करता है**
ED की जांच का केंद्र बिंदु पंजाब में बड़े रियल‑एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) अनुमति प्रदान करने में कथित अनियमितताएँ हैं।
जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि आवेदन कैसे प्रोसेस और सत्यापित किए गए, जिसमें यह आरोप भी शामिल है कि भूमि मालिकों के नकली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाले झूठे सहमति पत्रों का उपयोग अनुमोदन प्रक्रिया में किया गया था।
एजेंसी यह भी जांच रही है कि स्वीकृत परियोजना लेआउट में संभावित संशोधन हुए या नहीं और क्या इन विचलनों से निजी डेवलपर्स को लाभ हुआ।
**ब्रार ने प्रमुख टाउन प्लानिंग पद संभाला**
कंवल प्रीत ब्रार 2007 बैच की पंजाब‑कैडर आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशक के रूप में कार्य किया, जब जांच के अधीन परियोजनाओं से जुड़े अनुमोदन प्रक्रिया चल रही थी।
ED उन अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रहा है जो अनुमोदन श्रृंखला में शामिल थे और विभिन्न चरणों में लिए गए निर्णयों से संबंधित दस्तावेज़ और स्पष्टीकरण मांग रहा है।
उनकी एजेंसी के समक्ष उपस्थिति स्वयं में किसी दुराचार को सिद्ध नहीं करती, और जांच के अंतर्गत लगाए गए आरोपों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से स्थापित किया जाएगा।
**उन्हें फिर से summons क्यों मिला?**
रिपोर्टों के अनुसार, ED ने ब्रार से अतिरिक्त दस्तावेज़ प्रदान करने और मामले से संबंधित आगे के प्रश्नों के उत्तर देने को कहा है।
दूसरी उपस्थिति से जांचकर्ता निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट कर सकते हैं:
- CLU आवेदन कैसे प्रोसेस किए गए
- परियोजना प्रमोटरों द्वारा कौन‑से दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए
- भूमि मालिकों के सहमति दस्तावेज़ कैसे सत्यापित किए गए
- संशोधित CLU अनुमोदन से पहले कौन‑सी प्रक्रिया अपनाई गई
- विभिन्न सरकारी विभागों की क्या भूमिका थी
- स्वीकृत परियोजना लेआउट में कथित संशोधन
- क्या स्थापित नियम और प्रक्रियाएँ पालन की गईं
**अनुराग वर्मा को भी summon किया गया**
यह विकास ED द्वारा उसी जांच में पूर्व पंजाब मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भी पूछताछ के लिए summon करने के बाद आया है।
वर्मा को 31 अगस्त को ED के जालंधर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। वह वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व के पद पर कार्यरत हैं, और जांच के संबंधित अवधि में उन्होंने आवास एवं शहरी विकास विभाग का भी प्रमुख पद संभाला था।
इसका अर्थ है कि दो वरिष्ठ पंजाब आईएएस अधिकारी अब ED द्वारा परियोजनाओं के सरकारी अनुमोदन प्रक्रिया की जांच के तहत पूछताछ के दायरे में आए हैं।
**सन्तेक सिटी जांच**
मामला मोहाली/न्यू चंडीगढ़ में स्थित सन्तेक सिटी परियोजना और संबंधित रियल‑एस्टेट विकासों से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।
धन शोधन जांच की शुरुआत पंजाब पुलिस की FIR से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भूमि मालिकों के सहमति दस्तावेज़ों को झूठा बनाकर CLU अनुमोदन प्राप्त किए गए थे। इसके बाद ED ने अपराध के आय और व्यापक अनुमोदन प्रक्रिया की जांच शुरू की।
एजेंसी ने निजी डेवलपर्स और परियोजनाओं से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की है।
**ED की व्यापक जांच**
ED अपनी जांच को निजी पक्षों तक सीमित नहीं कर रहा है।
रिपोर्टों में उद्धृत अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी उन सरकारी अधिकारियों की भूमिकाओं की जांच कर रही है जो आवास और टाउन‑प्लानिंग प्रक्रिया में शामिल थे, जिसमें CLU अनुमतियों का प्रदान करना और परियोजना लेआउट में कथित अनधिकृत बदलाव शामिल हैं।
एजेंसी ने 2021 के बाद पंजाब में दिए गए अन्य CLU अनुमतियों की भी जांच की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच का दायरा सन्तेक सिटी परियोजना से परे हो सकता है।
**जांच अभी चल रही है**
ब्रार की ED के समक्ष पूछताछ चल रही जांच का हिस्सा है। उनकी उपस्थिति को दोष सिद्ध मानने की कोई बात नहीं है।
एजेंसी आधिकारिक रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज़, अनुमोदन फ़ाइलें और परियोजनाओं से जुड़े व्यक्तियों के बयानों की आगे भी जांच करेगी, जिससे अगला कदम तय किया जा सके।
**मुख्य बिंदु**
- आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत ब्रार ने 27 अगस्त को जालंधर में ED के समक्ष उपस्थित हुईं।
- उन्हें पहले 18 अगस्त को एजेंसी द्वारा कई घंटे पूछताछ का सामना करना पड़ा था।
- ED ने उनसे अतिरिक्त दस्तावेज़ लाने को कहा।
- जांच सन्तेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़ी कथित CLU अनियमितताओं पर केंद्रित है।
- जांचकर्ता कथित नकली भूमि मालिक सहमति दस्तावेज़ों की जांच कर रहे हैं।
- पूर्व पंजाब मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भी 31 अगस्त के लिए summon किया गया है।
ब्रार ने पहले 18 अगस्त को ED के समक्ष उपस्थित होकर कई घंटों तक पूछताछ का सामना किया था। इसके बाद एजेंसी ने एक नई summons जारी की, जिसमें उन्हें 27 अगस्त को पुनः उपस्थित होने और जांच से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज़ लाने का निर्देश दिया गया।
**ED भूमि‑उपयोग अनुमोदन प्रक्रिया की जांच करता है**
ED की जांच का केंद्र बिंदु पंजाब में बड़े रियल‑एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) अनुमति प्रदान करने में कथित अनियमितताएँ हैं।
जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि आवेदन कैसे प्रोसेस और सत्यापित किए गए, जिसमें यह आरोप भी शामिल है कि भूमि मालिकों के नकली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाले झूठे सहमति पत्रों का उपयोग अनुमोदन प्रक्रिया में किया गया था।
एजेंसी यह भी जांच रही है कि स्वीकृत परियोजना लेआउट में संभावित संशोधन हुए या नहीं और क्या इन विचलनों से निजी डेवलपर्स को लाभ हुआ।
**ब्रार ने प्रमुख टाउन प्लानिंग पद संभाला**
कंवल प्रीत ब्रार 2007 बैच की पंजाब‑कैडर आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशक के रूप में कार्य किया, जब जांच के अधीन परियोजनाओं से जुड़े अनुमोदन प्रक्रिया चल रही थी।
ED उन अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रहा है जो अनुमोदन श्रृंखला में शामिल थे और विभिन्न चरणों में लिए गए निर्णयों से संबंधित दस्तावेज़ और स्पष्टीकरण मांग रहा है।
उनकी एजेंसी के समक्ष उपस्थिति स्वयं में किसी दुराचार को सिद्ध नहीं करती, और जांच के अंतर्गत लगाए गए आरोपों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से स्थापित किया जाएगा।
**उन्हें फिर से summons क्यों मिला?**
रिपोर्टों के अनुसार, ED ने ब्रार से अतिरिक्त दस्तावेज़ प्रदान करने और मामले से संबंधित आगे के प्रश्नों के उत्तर देने को कहा है।
दूसरी उपस्थिति से जांचकर्ता निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट कर सकते हैं:
- CLU आवेदन कैसे प्रोसेस किए गए
- परियोजना प्रमोटरों द्वारा कौन‑से दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए
- भूमि मालिकों के सहमति दस्तावेज़ कैसे सत्यापित किए गए
- संशोधित CLU अनुमोदन से पहले कौन‑सी प्रक्रिया अपनाई गई
- विभिन्न सरकारी विभागों की क्या भूमिका थी
- स्वीकृत परियोजना लेआउट में कथित संशोधन
- क्या स्थापित नियम और प्रक्रियाएँ पालन की गईं
**अनुराग वर्मा को भी summon किया गया**
यह विकास ED द्वारा उसी जांच में पूर्व पंजाब मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भी पूछताछ के लिए summon करने के बाद आया है।
वर्मा को 31 अगस्त को ED के जालंधर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। वह वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व के पद पर कार्यरत हैं, और जांच के संबंधित अवधि में उन्होंने आवास एवं शहरी विकास विभाग का भी प्रमुख पद संभाला था।
इसका अर्थ है कि दो वरिष्ठ पंजाब आईएएस अधिकारी अब ED द्वारा परियोजनाओं के सरकारी अनुमोदन प्रक्रिया की जांच के तहत पूछताछ के दायरे में आए हैं।
**सन्तेक सिटी जांच**
मामला मोहाली/न्यू चंडीगढ़ में स्थित सन्तेक सिटी परियोजना और संबंधित रियल‑एस्टेट विकासों से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।
धन शोधन जांच की शुरुआत पंजाब पुलिस की FIR से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भूमि मालिकों के सहमति दस्तावेज़ों को झूठा बनाकर CLU अनुमोदन प्राप्त किए गए थे। इसके बाद ED ने अपराध के आय और व्यापक अनुमोदन प्रक्रिया की जांच शुरू की।
एजेंसी ने निजी डेवलपर्स और परियोजनाओं से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की है।
**ED की व्यापक जांच**
ED अपनी जांच को निजी पक्षों तक सीमित नहीं कर रहा है।
रिपोर्टों में उद्धृत अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी उन सरकारी अधिकारियों की भूमिकाओं की जांच कर रही है जो आवास और टाउन‑प्लानिंग प्रक्रिया में शामिल थे, जिसमें CLU अनुमतियों का प्रदान करना और परियोजना लेआउट में कथित अनधिकृत बदलाव शामिल हैं।
एजेंसी ने 2021 के बाद पंजाब में दिए गए अन्य CLU अनुमतियों की भी जांच की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच का दायरा सन्तेक सिटी परियोजना से परे हो सकता है।
**जांच अभी चल रही है**
ब्रार की ED के समक्ष पूछताछ चल रही जांच का हिस्सा है। उनकी उपस्थिति को दोष सिद्ध मानने की कोई बात नहीं है।
एजेंसी आधिकारिक रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज़, अनुमोदन फ़ाइलें और परियोजनाओं से जुड़े व्यक्तियों के बयानों की आगे भी जांच करेगी, जिससे अगला कदम तय किया जा सके।
**मुख्य बिंदु**
- आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत ब्रार ने 27 अगस्त को जालंधर में ED के समक्ष उपस्थित हुईं।
- उन्हें पहले 18 अगस्त को एजेंसी द्वारा कई घंटे पूछताछ का सामना करना पड़ा था।
- ED ने उनसे अतिरिक्त दस्तावेज़ लाने को कहा।
- जांच सन्तेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़ी कथित CLU अनियमितताओं पर केंद्रित है।
- जांचकर्ता कथित नकली भूमि मालिक सहमति दस्तावेज़ों की जांच कर रहे हैं।
- पूर्व पंजाब मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भी 31 अगस्त के लिए summon किया गया है।
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