CBSE री-इवैल्युएशन आवेदन की आज लास्ट डेट: 5 दिन से साइट डाउन; एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा
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नई दिल्ली14 घंटे पहलेलेखक: उन्नति झाबक
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CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा है।
सीबीएसई ने 19 मई से आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की। इसकी लास्ट डेट 23 मई तय की गई थी, लेकिन तकनीकी खामियों से चलते वेबसाइट पिछले 5 दिनों से लगातार क्रैश हो रही है।
बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह ने कहा था कि वेबसाइट पर बिना अधिकार दखल अंदाजी के प्रयास हुए, इसलिए छात्रों की असुविधा को देखते हुए बोर्ड ने आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर 24 मई की है।
अब आज आवेदन की लास्ट डेट है, लेकिन वेबसाइट लोड ही नहीं हो पा रही। सीबीएसई ने बताया है कि इस साल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से करीब 98 लाख 60 हजार कॉपियां जांची गईं हैं। इस बार कुल 17.68 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।
इधर री-इवैल्युएशन के लिए शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। सीबीएसई बोर्ड ने अब इसका डेटा ही अपडेट करना बंद कर दिया है। देश के इतिहास में संभवत: पहली बार है, जब किसी बड़ी परीक्षा में कॉपी दोबारा जंचवाने के लिए आवेदन करने वाले 7% से ज्यादा हैं। पिछले सालों पर नजर डालें तो ये आंकड़ा 2-3% होता था।

सीबीएसई स्टूडेंट्स ने कॉपी की ये तस्वीरें जारी की हैं। उनका कहना है कि ब्लर नजर आने पर भी आंसर-शीट जांची गई।
पेज 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा
दैनिक भास्कर के सूत्र के मुताबिक, अगर साइट खुल भी जाए, तो एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज को कम से कम 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है।वहीं, जिन छात्रों ने 3-4 दिन पहले आवेदन किया था, उन्हें न तो अभी तक कॉपी मिली और न ही मेल या टेक्स्ट के जरिए कोई जानकारी दी गई।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और धुंधले पन्नों जैसी तकनीकी दिक्कतों पर संज्ञान लिया। उन्होंने बोर्ड से जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इधर, कुछ छात्रों को शनिवार सुबह 11.30 बजे पेमेंट सफल होने और एप्लीकेशन सबमिट होने का मैसेज मिला, शाम 6.45 बजे अचानक मैसेज आया कि उनके पैसे रिफंड कर दिए गए हैं और आवेदन सबमिट ही नहीं हुआ।
स्टूडेंट इस बात से परेशान हैं कि अगर समय पर कॉपी नहीं मिली, तो वे अपनी कॉपियों के री-इवैल्युएशन के लिए समय पर आवेदन कैसे कर पाएंगे।

एक स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा- 4 बार ₹300 का पेमेंट रिजेक्ट हो गया और ₹3 का पेमेंट एक्सेप्ट हो गया।
सिस्टम की 3 बड़ी परेशानी
- लिंक न होना, वेबसाइट का क्रैश होनासीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर री-इवैल्युएशन या फोटोकॉपी के आवेदन के लिए पूरे दिन सीधा लिंक नहीं दिखता है। छात्रों को ट्विटर हैंडल के जरिए लिंक खोजना पड़ा। वहीं, लिंक पर क्लिक करने पर वेबसाइट लगातार बफर करती रही, क्रैश होती रही और ‘सर्विस नॉट अवेलेबल’ का एरर आता रहा। पोर्टल रात के 2:30 बजे ही सक्रिय हो पाता था।
- वेबसाइट हैक, लाखों रु. के बिल आएएक विषय की कॉपी के लिए 100 रु. की फीस निर्धारित है, लेकिन तकनीकी खराबी से कुछ छात्रों को पोर्टल पर ₹10 हजार रुपए से लेकर 3.5 लाख रु. तक का भुगतान करने का ऑप्शन दिख रहा है। बताया जा रहा है कि सीबीएसई की वेबसाइट हैक होने के कारण ऐसा हुआ।
- रजिस्ट्रेशन और लॉगिन में भी परेशानीआवेदन के दो स्टेप हैं। पहले रजिस्ट्रेशन फिर लॉगिन करके पेमेंट करना। रजिस्ट्रेशन के बाद जब लॉगिन की कोशिश करते हैं, तो सिस्टम आईडी ‘इनवैलिड’ बताता है। जब दोबारा रजिस्टर की कोशिश करते हैं, तो पोर्टल कहता है कि आप ‘ऑलरेडी रजिस्टर्ड’ हैं। इसके अलावा, सिस्टम (कंप्यूटर) से लॉगिन होने में दिक्कत हो रही, जबकि मोबाइल से लॉगिन हो रहा है।
री-इवैल्युएशन रद्द होने की अफवाह
सर्वर ठप होने और छात्रों की इस परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर भी तेजी से वायरल हो रहा है। 23 मई की तारीख वाले इस सर्कुलर में दावा किया गया है कि तकनीकी दिक्कतों से 2026 की री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
इसमें यह भी अफवाह फैलाई गई है कि छात्रों द्वारा जमा फीस 15 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड कर दी जाएगी और उनके पुराने नंबर ही अंतिम (फाइनल) माने जाएंगे। सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया है कि यह सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है।

कई स्टूडेंट ने लिखा कि वेबसाइट पर पेमेंट 100 रुपए की बजाय 8000 दिख रहा है।
ऑनलाइन पेमेंट पर CBSE की सलाह
CBSE ने कहा कि आंसर सीट फोटोकॉपी 2026 प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर ज्यादा ट्रैफिक आने से कुछ छात्रों को पेमेंट कंफर्म में देरी जैसी तकनीकी दिक्कतें आईं। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि अगर पेमेंट का कंफर्मेशन पेंडिंग दिख रहा है, तो बार-बार पेमेंट अटेम्प्ट नहीं करें।
CBSE के मुताबिक, ऐसा करने से डुप्लिकेट पेमेंट और प्रोसेस में और देरी हो सकती है। बोर्ड ने कहा कि तकनीकी समस्या होने पर भी छात्रों की आवेदन प्रक्रिया और शिकायतों को तय आधिकारिक सिस्टम के तहत देखा जाएगा, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
कहीं 2-2 पेज गायब तो कहीं 2-2 पेज रिपीट हैं
मध्य प्रदेश की एक छात्रा की बिजनेस स्टडीज की आंसर-शीट में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। कॉपी के पेज नंबर 12-13 व 20-21 स्कैन ही नहीं किए गए। ऐसे में इन पेजों पर लिखे जवाबों के अंक छात्रा को नहीं मिले।
पेज संख्या पूरी दिखाने के लिए पेज 14-15 और 18-19 को दो बार स्कैन कर अपलोड कर दिया है। पीडीएफ में इन्हें ‘रिपीट आंसर’ के रूप में दिखाया गया है। कई जवाबों में सही तरीके से अंक भी नहीं दिए गए हैं।
3 स्टेप में होती है री-इवैल्युएशन की पूरी प्रोसेस
- स्कैन कॉपी: छात्र सबसे पहले अपनी आंसर-सीट की स्कैन कॉपी मांगता है, ताकि वह देख सके कि कॉपी सही तरीके से जांची गई है या नहीं। इससे अन चेक आसंर, मार्किंग मिस्टेक या पेज मिसिंग जैसी गड़बड़ियां पकड़ने में मदद मिलती है।
- मार्क्स वेरिफिकेशन : अगर छात्र को लगता है कि नंबर जोड़ने या मार्क्स एंट्री में गलती हुई है, तो वह वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करता है। इसमें सीबीएसई सिर्फ टोटल मार्क्स, अनचेक आंसर और डाटा एंट्री की गड़बड़ी की जांच करता है।
- री-इवैल्युएशन : स्कैन कॉपी देखने के बाद छात्र तय सवाल चुनकर री-इवेल्युएशन के लिए आवेदन करता है। सीबीएसई एग्जामिनर उन आंसर को दोबारा जांचता है, जिससे मार्क्स बढ़, घट या समान रह सकते हैं।
कहां से लें मदद ?
सीबीएसई के हेल्पलाइन नंबर भी किसी काम नहीं आ रहे हैं। छात्र जब भी इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो बस सिंगल बीप बजती रहती है और कोई फोन रिसीव नहीं करता। CBSE हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-8002, अन्य हेल्पलाइन नंबर: 011-22509256, 22509257, 22509258, 22509259, ईमेल: info@cbse.gov.in
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