सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गैंगस्टरों तक पहुंचाने वाला मॉड्यूल ध्वस्त, 11 आधुनिक पिस्टल बरामद – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हथियारों की खेप पंजाब के गैंगस्टरों तक पहुंचाने वाले एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 11 पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे तस्करों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। सोशल मीडिया ऐप के जरिए उन्हें ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप की लोकेशन भेजी जाती थी। इसके बाद आरोपी अटारी सेक्टर से हथियार उठाकर पंजाब के विभिन्न जिलों में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल रंगदारी, गैंगवार, हत्या, अन्य वारदातों में किया जाना था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पूरे नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच की जा रही है तथा विदेश में बैठे हैंडलरों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुप्त सूचना के एंटी गैंगस्टर ऑपरेशन सैल के इंचार्ज अमनदीप सिंह ने टीम के साथ मिलकर सबसे पहले पुलिस ने गुलाबजीत उर्फ प्रिंस और हरप्रीत उर्फ प्रीत को 2 पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद गुरप्रीत उर्फ गोपी को 4 पिस्तौल सहित पकड़ा गया। उसके खुलासे पर कुलजीत सिंह और शमशेर सिंह उर्फ शेरा को 2 पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ने पर अमन राणा उर्फ चीनी और शरणजीत उर्फ सन्नी को 2 पिस्तौल के साथ काबू किया गया। दोनों की निशानदेही पर अजय सिंह को एक पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान गुरप्रीत उर्फ गोपी ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे एक गैंगस्टर के संपर्क में था, जो ड्रोन के माध्यम से अटारी सेक्टर में हथियारों की खेप भिजवाता था। आरोपियों की पहचान गुलाबजीत सिंह 21, हरप्रीत सिंह 23 निवासी गांव अटारी, गुरप्रीत सिंह 24 निवासी गांव हरदोवाल जिला गुरदासपुर, गांव रणियां के रहने वाले कुलजीत सिंह 39 और शमशेर सिंह 40, अमन राणा 20 निवासी छेहर्टा, शरणजीत सिंह 29 निवासी गांव किरलगढ़ तथा गांव मालिया, जिला तरनतारन के अजय सिंह 23 के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में 4 चीन निर्मित पिस्टल, 4 पीएक्स-5 स्टॉर्म पिस्टल, 1 जिगाना पिस्टल और 2 ऑस्ट्रिया निर्मित 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल व 8 जिंदा कारतूस शामिल हैं। गिरफ्तार 8 आरोपियों में से 4 हरप्रीत, गुरप्रीत गोपी, शरणजीत और अजय का पुराना आपराधिक इतिहास है। इनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। आरोपी गुरप्रीत गोपी को 2023 में दिल्ली पुलिस ने भी आर्म्स एक्ट में पकड़ा था, जो एक साल पहले ही जमानत पर आया था। वहीं हरप्रीत 5 महीने पहले जेल से छूटा था। इन आरोपियों को हथियार सप्लाई करने के बदले करीब 50 हजार रुपए मिलते थे। फिलहाल पुलिस इनके विदेशी तस्करों से संबंधों को खंगालने के साथ-साथ इनके बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
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